मालवा का पठार (part 2)

उबड़ खाबड़ स्थलाकृति के कारण यहां परिवहन संचार एवं सिंचाई सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है औद्योगिक विकास तो दूर कृषि कार्य भी देवी स्थितियों में यहां तिलहन और दलहन का फसल फसल विशेष रूप से उत्पादित किया जाता है।

यहां टपक सिंचाई प्रचलन में है।

इस पठार पर माहू नामक स्थान है जहां वर्तमान भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर का जन्म हुआ इस पठार का ढाल उत्तर पूर्व दिशा मे है इस कारण इस पठार पर प्रवाहित होने वाली नदियां उत्तर पूर्व दिशा में प्रभावित होते हुए चंबल अंततः यमुना में विलीन हो जाती हैं यह पठार लंबे समय तक सामाजिक पिछड़ेपन का शिकार रहा है या डाकू का प्रमुख  शरण स्थली हुआ करता था इस पठार का विस्तार मध्य प्रदेश के 10 जिलोंं में है।

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