प्रमुख भारतीय मंदिर
गुप्तकालीन मन्दिर:-
मन्दिर निर्माण कला का विकास गुप्तकाल से होता है। गुप्तकालीन प्रमुख मन्दिरों का संक्षिप्त वर्णन निम्नवर्णित है-
देवगढ़ का दशावतार मन्दिर-
ऽ देवगढ़ के दशावतार मन्दिर का निर्माण 6वीं शदी ईस्वी में हुआ, इसमें भगवान विष्णु की मूर्ति बनायी गयी है।
ऽ देवगढ़ के दशावतार मन्दिर की स्थापना उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में हुयी थी किन्तु वर्तमान में यह झाँसी जिले को तोड़कर बनाये गये नवसृजित जिला ललितपुर में स्थित है।
ऽ यह भारत का प्रथम मन्दिर है, जिसमें शिखर का प्रयोग किया गया।
भीतरगाँव मन्दिर-
ऽ इस मन्दिर का निर्माण उत्तर प्रदेश के कानपुर में किया गया है जो उत्तर भारत मे ईंटों द्वारा निर्मित पहला मन्दिर है।
ऽ इस मन्दिर में मेहराब के उत्तम नमूने, पौराणिक दृश्यों का अंकन, गर्भगृह के प्रवेश द्वार का अंकन कुशलतापूर्वक किया गया है।
तिगवा का मन्दिर-
ऽ इस मन्दिर का निर्माण मध्य प्रदेश के जबलपुर में किया गया है, जिसमें भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित की गयी है।
नाचना कुठारा का मन्दिर-
ऽ इस मन्दिर का निर्माण मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वकाटकों द्वारा कराया गया है। यह पार्वती देवी का मन्दिर है।
ऽ इस मंदिर का निर्माण मध्य प्रदेश के नागौर जिले मंे किया गया है। यह भगवान शिव का मन्दिर है।