टर्नर (1775 - 1851 ई0) भू-दृश्य चित्रकार
इंग्लैण्ड के दृश्य चित्रकारों में टर्नर को अद्भुत प्रतिभाशाली एवं संयमी कलाकार माना जाता है।
टर्नर ने अपनी कला द्वारा प्रकाश का प्रयोग विकसित किया। रहस्यात्मक प्रकृति का चित्रण ब्रिटिश चित्रकार टर्नर ने किया।
टर्नर का समुद्री अध्ययन बहुत अच्छा था, उसमें सर्वश्रेष्ट चित्र वे है जिसमें उसने प्रकाश तथा धरातलीय प्रभावों के समन्वय से महाप्रलय के दृश्य उपस्थित किये है।
उनका जलरंगों में किया हुआ आरम्भिक कार्य बाद में तैल चित्रण में किये गये कार्य से बहुत अच्छा है।
टर्नर को प्रभाववाद तथा अभिव्यंजनावाद दोनों का पिता कहा जाता है।
आधुनिक चित्रकार नामक पुस्तक रस्किन ने लिखी।
प्रमुख चित्र:-
1. चाँदनी रात का अध्ययन
2. चाँदनी
3. कोहरे से उगता सूर्य डच चित्रकला का प्रभाव
4. पनचक्की नदी का तट
5. मिल बैंक
6. मून लाइट
7. द बर्निंग हाऊस आॅफ पार्लियामेंट
8. लाबर स्टूडियोरम नामक (श्रृंखला) प्रसिद्ध है।
9. द शिपरेक (जहाज का टूटना)
10. ह्वेलशिप
11. द स्नो स्टोर्स
समुद्र के किनारे चित्र बनाने के लिए टर्नर प्रसिद्ध था।
दृष्टि पर आवृत्ति कलाकार था।
भविष्यवाद (1910 ई0) (इटली)
आधुनिक कला का एक आन्दोलन जिसको इटालियन कलाकार कारा, बोच्योनी व रूस्सोलो ने 1910 ई0 में प्रारम्भ किया।
इसका उद्देश्य यंत्र युगीन निरन्तर गतित्व को दर्शाते हुए समकालीन ंिहंसाचार व बलशाली की आक्रामकता की प्रसंशा में कला निर्मित करना था।
भविष्यवादियों के अनुसार सौन्दर्य गतित्व व संघर्ष में होता है, व जिसमें आक्रामकता शक्ति नहीं है। वह कला नहीं हो सकती।