भारत और मालदीव ने 17 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोहिल के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद हिंद महासागर में शांति व सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
इसके साथ ही भारत इस द्वीपीय देश को 1.4 डालर अरब के ऋण प्रदान करेगा। यह सहायता राशि भारत द्वारा मालदीप को दी जाने वाली सबसे बड़ी राशि है । दोनों पक्षों ने संस्कृति सहयोग, IT और इलेक्ट्रॉनिक सहयोग, कृषि, व्यापार के लिए बेहतर वातावरण बनाने समेत चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
समझौते से सम्बंधित मुख्य बिन्दु :-
- भारत ने अगले 5 वर्षों में मालदीव के नागरिकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए अतिरिक्त 1000 सीटें देने का भी निर्णय किया है।
- दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भारत पूर्ण सहयोग देगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी से वस्तु एवं सेवा सूचना विचारों और संस्कृति के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
- भारत और मालदीव में समुद्री डकैती,आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों और मानव तस्करी समेत सामान्य चिंताओं के विषय पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
- भारत ने दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य मानव संसाधन विकास बुनियादी ढांचे कृषि क्षमता निर्माण और पर्यटन के क्षेत्र में भागीदारी को मजबूत करने का आह्वान किया।
- दोनों देश के नेताओं ने मत्स्य विभाग पर्यटन यातायात कनेक्टिविटी स्वास्थ्य शिक्षा सूचना प्रौद्योगिकी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और संचार के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।