कुछ शापित चित्रकार
ऽ स्पेनिश चित्रकार- पिकासो, मीरो व डाली
ऽ जर्मन कलाकार- माक्र्स एन्सर्ट, पाँलक्ले
ऽ डच चित्रकार- मोद्रियान कार्य क्षेत्र पेरिस को चुना
ऽ रशियन चित्रकार- शागाल व शुटिन
ऽ इटालियन चित्रकार- मोल्दियानी
माक्र्स एन्सर्ट
अतियथार्थवादी चित्रकारों में माक्र्स एन्सर्ट ने बहुत ख्याति प्राप्त की। एवं यथार्थ - अतियथार्थवाद का आरम्भ उन्हीं से हुआ।
1925 ई0 में माक्र्स एन्सर्ट ने फ्रोटाज पद्धति का अविष्कार किया।
फ्रोटाज पद्धति से बनायी चित्रमालिका को निसर्ग का इतिहास नाम से प्रकाशित किया।
नोट:- रंग को कपड़े या कागज से रब करनी की पद्धति को फ्रोटाज कहा जाता है।
मार्क शगाल (रशिया)
शगाल का जन्म 1887 ई0 में विटेवस्क गाँव की ज्यूवता मंे हुआ था।
प्रमुख चित्र:- 1. मृतात्माएँ 2. फतिन की कहानियाँ 3. मैं और मेरा गाँव
4. सैर 5. प्रेमियों का निसर्ग।
आमोदियो मोदिल्यानी (इटली)
दृश्य सौन्दर्य का भावनापूर्ण काव्यमय चित्रण मोल्दियानी के कला का लक्ष्य था।
प्रमुख चित्र:- बैठी हुयी स्त्री।
ख्वाइम सुटिन (रूस)
ख्वाइम सुटिन का जन्म 1894 ई0 में एशिया में लुथिआनिया प्रांत के स्मिलोविच गाँव में एक निर्धन दर्जी परिवार में हुआ था।
प्रमुख चित्र:- 1. लाश 2. स्नानमग्ना
होन मीरो (1893 ई0)
मीरो का जन्म स्पेन में 1893 ई0 में हुआ था।
प्रमुख चित्र:-
1. जोता हुआ खेत
2. चाँदनी रात में स्त्रियाँ व पक्षी
3. सूर्य के सामने कुत्ता व आकृतियाँ
4. भाड़ का महोत्सव
5. मातृत्व
6. द वाल आफ द मून
7. द वाल आफ द सन पेरिस में यूनेस्को इमारत पर
ख्याति प्राप्ति अतियथार्थवादी चित्रकार पावेल व्शेलित्शू के प्रसिद्ध चित्र- आँख मिचैनी है।