भूतापीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकी-

भूतापीय ऊर्जा एक प्रदूषण मुक्त ऊर्जा संसाधन है धरातल से नीचे के चट्टानों तथा भूमिगत जल गर्म रहता है जिसका कारण पृथ्वी के अंतराल का गर्म होना चट्टान  के स्तर का दबाव तथा रेडियोधर्मी तत्वों का विखंडन इसे ही भूतापीय उर्जा कहा जाता है इसके 3 स्रोत हैं जो-

1- अधो भौमिक गर्म जल

2-मिश्रित मंडल का गर्म मैग्मा

 3-गर्म चट्टाने

-भारत में भूतापीय ऊर्जा का विभव लगभग 600 मेगावाट है देश में लगभग 113 उष्ण जल स्रोत तथा 340 स्थान हैं जहां से भूतापीय ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है जम्मू एवं कश्मीर में पूरा घाटी हिमाचल प्रदेश में मणिकरण छत्तीसगढ़ में तातापानी आज संभावित क्षेत्र हैं किंतु उनका विकास अभी प्रयोगात्मक अवस्था में है ज्ञातव्य है कि मणिकरण हिमाचल प्रदेश और खम्मम आंध्र प्रदेश नामक स्थान पर एक एक भूतापीय संयंत्र लगाया गया है|

नई प्रौद्योगिकी -

- हाइड्रोजन ऊर्जा- हाइड्रोजन को वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल और उसके उत्पादन तथा भंडार के विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान और विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं हाइड्रोजन ऊर्जा रोड मैप बनाने एवं हाइड्रोजन ऊर्जा पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से इसके कार्यान्वयन पर नजर रखने एवं नीतियों के निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा बोर्ड का गठन किया गया परिवहन यातायात में उपयोग तथा विकेंद्रीकरण उत्पादन के लिए आंतरिक दहन इंजन ओं में हाइड्रोजन के सीधे इस्तेमाल के साथ फ्यूल सेल मैं हाइड्रोजन के इस्तेमाल को प्रतिदिन किया गया है हाइड्रोजन पर आधारित छोटे जनरेटर दोपहिया वाहन और कैटालिटिक पर नरों को विकसित और प्रदर्शित किया गया है शराब कारखाना से प्राप्त होने वाले अपशिष्ट से हाइड्रोजन पैदा करने के लिए एक पूर्व व्यापारिक पायलट संयंत्र की स्थापना की गई है नवंबर 2005 में नेशनल हाइड्रोजन एनर्जी रोड मैप तैयार किया गया है जिसमें हाइड्रोजन पर आधारित एक मिलियन वाहन को रोड पर चलाने के लिए साथ साथ 2020 तक हाइड्रोजन ईंधन पर 1000 मेगावाट क्षमता वाला विद्युत प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य है|

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