13 वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में 15 नवंबर को भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में शांत, खुला एवं समावेशी हिंद प्रशांत क्षेत्र, मजबूत होते समुद्री सहयोग और संतुलित क्षेत्रीय विस्तृत आर्थिक भागीदारी का भारतीय दृष्टिकोण दोहराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत बहुपक्षीय सहयोग के उद्देश्य और विचारों के लिए प्रतिबद्ध है और इसका समय पालन करता है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ाया जाना भारत की प्राथमिकताओं में है। क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी के लिए भी भारत प्रतिबद्ध है क्षेत्र से जुड़ी भारत की चिंताओं और दायित्व मैं संतुलन साधता है। ऐसे लोगों को औपचारिक रूप से वित्तीय बाजार में लाना ही होगा जिनके पास बैंक खाता नहीं है। विश्व में असंगठित क्षेत्र के ऐसे मजदूरों को बीमा और पेंशन की सुरक्षा के दायरे में लाना होगा। वित्त के अभाव में किसी उधम को बंद करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को जोखिम का प्रबंधन करने, धोखाधड़ी से निपटने और पारंपरिक पद्धतियों में बदलाव करने में अधिक सक्षम बनाना आवश्यक है।