शनि ग्रह से युवा है उसके वलय

• हमारे सौर मंडल का छठा ग्रह शनि भी अन्य ग्रहों की तरह ही करीब 4.5 अरब साल पहले विकसित हो गया था, लेकिन उसके वलय काफी युवा हैं और उनका निर्माण एक से 10 करोड़ साल पहले ही हुआ था। 
• लंबे समय से वैज्ञानिकों का अनुमान था कि शनि के वलय उसके जितने पुराने नहीं हैं। उनका निर्माण या तो शनि के किसी चंद्रमा या फिर ग्रह के नजदीक किसी धूमकेतु के टकराने से हुआ है। 
• कैसिनी अंतरिक्ष यान से जुटाए गए आंकड़ों के अध्ययन के बाद उनका दावा सही साबित हो गया है। सेपिंजा यूनिवर्सिटी ऑफ रोम के वैज्ञानिकों का कहना है कि शनि लंबे समय तक अपने वलयों के बिना ही सूर्य की परिक्रमा कर रहा था। 
• बता दें कि कैसिनी को शनि, उसके वलय और चंद्रमाओं के अध्ययन के लिए अमेरिका और यूरोप के साझा मिशन पर लांच किया गया था। यह शनि की कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला यान था। 
• 2017 में मिशन खत्म होने से पहले कैसिनी ने शनि और उसके वलयों के बीच कई चक्कर लगाए थे। ग्रह के नजदीक जाने पर कैसिनी के झुकाव का अध्ययन कर वैज्ञानिकों ने वलयों के द्रव्यमान और उम्र का पता लगाया है। ये वलय 99 फीसद बर्फ से बने हैं।  
• शोधकर्ता लुसियानो आइस ने कहा, ‘शनि के वलयों की उम्र और द्रव्यमान का पता लगाना कैसिनी के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल था। वलयों का वजन कम है, जिससे साबित होता है कि ये युवा हैं। उम्र बढ़ने के साथ ये वलय अन्य पदार्थो और छोटे-छोटे कणों को आकर्षित कर भारी होते जाएंगे।’
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