हरिपुरा अधिवेशन-सुभाषचंद्र बोस और फारवर्ड ब्लॉक के उद्देश्य।

1938 में कांग्रेस का अधिवेशन सूरत जिले में स्थित हरिपुरा (गुजरात) में सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में संपन्न हुआ । फैजपुर (महाराष्ट्र) के बाद हरिपुरा दूसरा ऐसा गांव था, जहां कांग्रेस का अधिवेशन संपन्न हुआ। सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस के उस वर्ग के नेता थे, जो काउंसिल प्रवेश की नीति से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने शुरू में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे 1935 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट के अंतरराष्ट्रीयतावाद व लोकतंत्र वाद के विरोधी विशेषताओं का विरोध करने में अपनी शक्ति का प्रयोग करेंगे।

            इस कांग्रेस अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय योजना समिति की 1938 में स्थापना की घोषणा की गई ।

फारवर्ड ब्लॉक के उद्देश्य :-

सुभाष चंद्र बोस ने जिस फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की उस के चार उद्देश्य थे-

  1. प्रगतिवादी वा साम्राज्य विरोधी तत्वों में एकता की स्थापना। सुभाष ने स्पष्ट किया कि इस दल के सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति का समाजवादी होना आवश्यक नहीं है ।
  2. इसका दूसरा उद्देश्य कांग्रेस में बहुमत प्राप्त करना है क्योंकि ऐसा करके ही कांग्रेस की नीतियों में परिवर्तन लाया जा सकता है। 
  3. स्वतंत्रता संघर्ष को पुनः आरंभ करना इसका तीसरा उद्देश्य था। सुभाष के अनुसार गांधी जी को इसके लिए राजी करने के सभी प्रश्नों की विफलता के बाद इस दल की स्थापना की गई,  जिससे की जनता का समर्थन प्राप्त किया जा सके और इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से गांधी जी पर दबाव डाला जा सके।
  4. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद फॉरवर्ड ब्लॉक को भंग नहीं किया जाएगा ।उस समय इस दल का कार्य स्वतंत्रता की रक्षा करना तथा स्वतंत्रता प्रजातंत्र और समाजवादी सिद्धांत के अनुसार एक नवीन भारत का निर्माण करना होगा।
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