स्थाई बंदोबस्त का उद्देश्य -
स्थाई बंदोबस्त व्यवस्था लागू करने के समय लार्ड कार्नवालिस ने स्पष्ट किया था " यह राज्य के हित में होगा कि भूमि का स्वामित्व ऐसे मितव्ययी और कम खर्च करने वाले वर्ग को मिले जो भूमि को सुधार कर सके किसानों की रक्षा कर सकें और इस प्रकार देश में समृद्धसाली बन सके " इस प्रकार स्थाई बंदोबस्त व्यवस्था को लागू करने के निम्न उद्देश थे ।
1- कंपनी की भू राजस्व से आय निश्चित हो जाए और उसे लगान वसूल के झंझट से मुक्ति मिल जाए ।
2- लार्ड कार्नवालिस इस नवीन व्यवस्था से भूमि की उर्वरा बढ़ाना चाहता था ।
3- किसानों को जमींदारों के शोषण से बचाना चाहता था ।
4- लार्ड कार्नवालिस इस व्यवस्था को प्रचलित कर कंपनी सरकार को लगान वसूली के झझंटो से बचाना चाहता था ।
5- इस व्यवस्था के अंतर्गत हुआ बंगाल की भूमि को अधिकाधिक धन राशि देकर कंपनी के आर्थिक व्यवस्था में सुधार करना चाहता था ।
स्थाई बंदोबस्त की विशेषताएं :
स्थाई बंदोबस्त की निम्नलिखित विशेषताएं थी ।
1- लार्ड कार्नवालिस ने बंगाल में स्थाई बंदोबस्त को लागू कर दिया इस व्यवस्था में लार्ड कार्नवालिस ने यह घोषणा की थी कि 1793 ई . में निर्धारित भू राजस्व की दर में कभी परिवर्तन नहीं किया जाएगा तथा सरकार की मांग अस्थाई तौर पर यही रहेगी ।
2- भूमि के उपज से संबंधित तीन पक्ष थे सरकार , जमींदार तथा कृषक । कार्नवालिस ने राजस्व निर्धारित करके तथा जमींदारों के अधिकारों की घोषणा करके सरकार एवं जमींदारों के हितों की रक्षा कर ली परंतु किसानों के हितों की उपेक्षा करते हुए उन्हें जमींदारों की दया पर छोड़ दिया गया ।
3- जमींदार भूमि के स्वामी होने के नाते अपनी भूमि को बेच तथा खरीद सकते हैं तथा ऐसा करते समय सरकार को पूर्व अनुमति लेना आवश्यक नहीं था ।