ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की आर्थिक नीति -7

स्थाई बंदोबस्त के परिणाम :

                                        स्थाई बंदोबस्त के आर्थिक परिणामों को इस गुण और दोषों के अंतर्गत देखा जा सकता है इसका विवेचन निम्नानुसार है ।

स्थाई बंदोबस्त के गुण - स्थाई बंदोबस्त के प्रमुख गुण निम्नलिखित थे ।

1- राज्य की आय में वृद्धि -

                                        स्थाई बंदोबस्त में जो भू राजस्व की दर निश्चित की गई थी वह 1765 ई. में प्रचलन दर से दुगनी थी इससे राज्य की आय में वृद्धि हुई ।

2- बार-बार लगा निर्धारित करने के उत्तरदायित्व से मुक्ति -

          इस व्यवस्था में पूर्व जो प्रणाली प्रचलित थी उसमें बार-बार लगान निर्धारित करना पड़ता था इससे अत्याधिक समय तथा धन खर्च होता था परंतु अब स्थाई रूप से लगान निश्चित हो जाने से समय और धन की काफी बचत हो गई ।

3- कंपनी की वार्षिक आय का निश्चित होना - 

                                                                 स्थायी बंदोबस्त में कंपनी की वार्षिक आय निश्चित हो गई अब कंपनी को पता चल गया कि भूमि के लगान से उसे प्रतिवर्ष कितनी आय होगी उसके आधार पर कंपनी आसानी से अपनी आर्थिक योजना बना सकती थी ।

4 - कंपनी के कर्मचारियों को लगान की व्यवस्था से मुक्ति - 

           स्थायी बंदोबस्त हो जाने से कंपनी के कर्मचारियों को लगाने की व्यवस्था करने से मुक्ति मिल गई अब कंपनी के कर्मचारियों को प्रशासन के दूसरे कार्यों में लगा दिया गया जिसके फलस्वरूप प्रशासनिक सुधार तेजी से होने लगे ।

5- जमींदार वर्ग कि सरकार के प्रति निष्ठा -

                                                              कार्नवालिस ने स्थायी बंदोबस्त से जमींदार वर्ग की सहानुभूति प्राप्त कर ली अब जमींदार वर्ग ब्रिटिश सरकार के स्वामीभक्त हो गए इस वर्ग ने कंपनी का सदैव समर्थन किया और संकट काल में कंपनी को हर प्रकार का सहयोग दिया सेटनकार का कथन है  कि " स्थायी प्रबंध ने एक ऐसे धनी तथा विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग को उत्पन्न किया जो सिपाही विद्रोह के समय सरकार के प्रधान स्तंभ बन गया । "

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