ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की आर्थिक नीति - 8

6- बंगाल की उपज में वृद्धि -

                                          स्थायी प्रबंध के कारण बंगाल की उपज में वृद्धि हुई स्थायी प्रबंध के बाद बंजर और बिना जुटी हुई भूमि कृषि योग्य बनाई जाने लगी परिणामस्वरूप उत्पादन में वृद्धि हुई ।

7 - बंगाल में सम्पन्ता मे वृद्धि - 

                                           स्थायी बंदोबस्त से बंगाल में सम्पन्ता में वृद्धि हुई  जब जमींदारों के पास धन संचय होने लगा तो उन्हें इस धन का उपयोग उद्योग धंधों में करना शुरू किया इससे उद्योग धंधे में काफी विकास हुआ तथा बंगाल ब्रिटिश साम्राज्य का सबसे संपन्न प्रांत बन गया ।

8 - व्यापार तथा वाणिज्य का विकास -

                                             ‌        कृषि के विकास के साथ-साथ व्यापार तथा वाणिज्य का भी पर्याप्त विकास हुआ जमींदार लोग बड़े अमीर हो गए तथा उद्योग धंधे एवं व्यापार में धन लगाने लगे ।

9- जमींदार वर्ग का लाभ - 

                                    स्थायी प्रबंध के जमींदारों को बहुत लाभ पहुंचा भूमि पर जमींदारों का स्थाई रूप से अधिकार स्वीकार कर लिया गया इससे उन्हें अपने भूमि से पीढ़ी दर पीढ़ी लाभ प्राप्त होता रहा  भूमि की कीमत में निरंतरता वृद्धि होती रही परंतु लगान की दर में कोई अंतर नहीं आया परिणामस्वरुप जमींदार वर्ग अत्यंत संपन्न बन गया । 

10 - जमींदार वर्ग कि कृषि कार्य में रूचि -

                           ‌‌‌‌                               जमींदारों से न्यायिक शक्तियां छीन लेने से जमींदार वर्ग लाभान्वित हुआ अब उन्हें अपने क्षेत्र में शान्त एवं व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व से मुक्ति मिल गई तथा अब वह अपना पूरा ध्यान कृषि कार्यों में देने लगे  ।    

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