लाहौर अधिवेशन 1929

  • 1885  में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर 1947 में भारत की आजादी तक नेशनल कांग्रेस के कई अधिवेशन संपन्न हुए । इसमें 44 वां अधिवेशन 1929 में लाहौर में संपन्न हुआ, जिसे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास में महान विभाजक रेखा माना जाता है ।
  • इस अधिवेशन में 31 दिसंबर 1929 को पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव करतल ध्वनि से पारित किया गया और राष्ट्रीय तिरंगा लहराया गया ।
  • साथ ही 26 जनवरी 1930 को भारत की पहली पूर्ण स्वाधीनता दिवस मनाया गया।
  • उल्लेखनीय है कि इस अधिवेशन के पूर्व कांग्रेस का लक्ष्य विशेषकर गांधी जी के काल से स्वराज्य की प्राप्ति था।
  • यद्यपि स्वराज्य का तात्पर्य कभी परिभाषित नहीं किया गया था लेकिन इसका सार था ब्रिटिश सरकार के अधीन अपना शासन प्राप्त करना।
  • परंतु 1929 के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने अपना लक्ष्य स्वराज्य से बदलकर पूर्ण स्वराज्य कर लिया और इस अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारत में सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया गया।
  • यह अधिवेशन  लाहौर के लाजपत राय नगर में जवाहरलाल नेहरु की अध्यक्षता में 28 से 31 दिसंबर के बीच आयोजित हुआ।
  • 1930 का वर्ष ऐसा पहला वर्ष है जबकि कांग्रेस का अधिवेशन सविनय अवज्ञा आंदोलन की वजह से आयोजित नहीं हुआ इसलिए इस वर्ष कांग्रेस के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू  बने रहे।
Posted on by