मुंबई का विशेष अधिवेशन 1934

  • अक्टूबर 1934 में कांग्रेस का विशेष अधिवेशन मुंबई में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
  • इस अधिवेशन में रचनात्मक कार्यक्रम पर विशेष बल दिया गया खादी के प्रचार के लिए अखिल भारतीय खाद्य मंडल पहले ही स्थापित हो चुका था अब अखिल भारतीय ग्राम उद्योग संघ की भी स्थापना का निर्णय लिया गया ।
  • दरअसल इस निर्णय के पीछे गांधी अर्थशास्त्र के विद्वान प्रोफेसर जे सी कुमारप्पा की सोच कार्य कर रही थी उन्होंने गांव की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का व्यापक सर्वेक्षण किया था और इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि ग्राम उद्योग के व्यापक विकास से ही गांव की समस्याएं हल हो सकती है।
  • महात्मा गांधी ने भी अपनी हरिजन यात्रा के दौरान गांव की स्थिति को देखा था ग्राम उद्योग धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे थे और गांव की दस्तकारी एवं कला का रूप होता जा रहा था अतः उनको भी ग्राम उद्योग का जीर्णोद्धार आवश्यक लगा।
  • कांग्रेस के प्रस्ताव के अनुरूप अखिल भारतीय ग्रामोद्योग संघ की विधिवत स्थापना 14 दिसंबर 1934 को की गई।
  • प्रारंभ में श्री कृष्ण दास मंत्री थे बाद में महात्मा गांधी अध्यक्ष और श्री जे सी कुमारप्पा मंत्री ।
  •  बाद में महात्मा गांधी जीवन पर्यंत उसके अध्यक्ष बने रहे ।
  • उल्लेखनीय है कि 1923 में काकीनाडा कांग्रेस ने अखिल भारतीय खादी मंडल की स्थापना की थी इस बोर्ड के अध्यक्ष श्री जमुनालाल बजाज एवं मंत्री श्री शंकरलाल बैंकर थे।
  • पटना में 22 सितंबर 1925 को कांग्रेस महासमिति ने एक प्रस्ताव लाकर चरखा संघ की भी स्थापना का निर्णय लिया।
  • इस प्रस्ताव के दूसरे दिन अखिल भारतीय चरखा संघ की स्थापना हुई महात्मा गांधी चरखा संघ के अध्यक्ष बने एवं श्री जवाहरलाल नेहरू और श्री शंकरलाल बैंकर मंत्री संघ का केंद्रीय कार्यालय साबरमती में रखा गया।
  • यह अधिवेशन कांग्रेस के स्वर्ण जयंती अधिवेशन के रूप में मनाया गया इसी अधिवेशन में गांधी जी ने कांग्रेस की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया।
  • डॉ राजेंद्र प्रसाद ने इसी बैठक में समाजवाद की वकालत की थी जिसके परिणाम स्वरूप कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का 1934 में गठन हुआ।
  • इसके गठन में जयप्रकाश नारायण और आचार्य नरेंद्र देव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Posted on by