बाबर की उपलब्धियां

  • संभवत कुषाण के बाद वह पहला ऐसा शासक था जिसने काबुल एवं कंधार को अपनी पूर्ण नियंत्रण में रखा।
  • भारत में तोप एवं बंदूक दाखिल करने का श्रेय आमतौर पर बाबर को दिया जाता है उसने 1519 में बाजार की लड़ाई में सर्वप्रथम इसका प्रयोग किया था।
  • बाबर तुर्की व फारसी भाषा का अच्छा ज्ञाता था उसने अपनी आत्मकथा बाबरनामा या तुर्क- ए बाबरी या वाक्यात -ए - बाबर का संस्मरण तुर्की भाषा में लिखी जिससे अकबर के काल में रहीम खानखाना और  पायदा खाने फारसी में अनुवाद किया।
  • लेडीस वर्सेसकिंग ने फारसी भाषा में अनूमोदित बाबरनामा का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया जबकि श्रीमती बेवरेज ने मूल तुर्की भाषा में रचित बाबरनामा का अंग्रेजी भाषा के अनुवाद किया।
  • इसलिए इनका अनुवाद ज्यादा प्रमाणिक है बाबर ने मुंबई जान नामक एक पद्य शैली को भी जन्म दिया।
  • एक धर्म परायण मुसलमान के रूप में बाबर नियम पूर्वक नमाज अदा करता था तथा रमजान के रोजे रखता था वह कट्टर सुन्नी शासक था परंतु धार्मिक दृष्टिकोण से उदार था।
  • हिंदुओं के प्रति दृष्टिकोण उदारवादी था उसके द्वारा मंदिर तोड़े जाने का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
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