केन्द्र सरकार ने भाषा संगम परियोजना आरम्भ की।

      केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से सम्बंधित अथवा मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र- छात्राएं  प्रत्येक राज्य की भाषा सीख सकेंगे ।

          केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की भाषा संगम परियोजना के तहत 27 नवंबर 2018 को इसकी शुरुआत की गई। भाषा संगम के तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई 22 भाषाओं के बारे में विद्यार्थियों को बताया जाएगा।

भाषा संगम क्या है :-

  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी के अलावा देश के अलग-अलग प्रदेशों की क्षेत्रीय भाषाओं को बोलना सिखाना है।
  • छात्र इस परियोजना के तहत प्रत्येक भाषा के पांच वाक्य सीखेंगे इसके बाद उन्हें प्रार्थना के समय इन वाक्यों को बोलना होगा।
  • छात्रों को घर पर अभिभावकों के साथ इन वाक्यों पर विचार विमर्श करना होगा।
  • स्कूलों में प्रतिदिन दी जाने वाली जानकारी का वीडियो बनेगा तथा यह वीडियो सीबीएसई की वेबसाइट पर भी अपलोड करना होगा।
  • इसमें हिंदी,असमिया,बंगाली, बोडो, तमिल, तेलुगु,उर्दू, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी तथा डोगरी भाषाएं छात्रों को बोलनी सिखाई जाएंगी।
Posted on by