केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने 6 नवंबर 2018 को टमाटर, आलू तथा प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रींस को मंजूरी दी। ऑपरेशन के तहत टमाटर, प्याज तथा आलू की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
कीमत स्थिरता उपाय के क्रियान्वयन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) नोडल एजेंसी होगी।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा टमाटर, प्याज और आलू की फसल के स्टोरेज फैसिलिटी तक परिवहन के लिए 50% सब्सिडी दी जाएगी ।
इस कार्यक्रम के तहत अधिकतम ₹50 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट्स को ग्रांट इन एंड के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत राज्य कृषि तथा अन्य मार्केटिंग संघ, को-ऑपरेटिव, कंपनियों, किसान उत्पादक संघ, स्वयं सहायता समूह, खाद्य प्रसंस्करण लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स तथा सप्लाई चैन ऑपरेटर इत्यादि को सहायता प्रदान की जाएगी।
ऑपरेशन ग्रीन्स क्या है:-
- आपरेशन ग्रीन्स की घोषणा वर्ष 2018-19 के बजट में की गई थी। इसके लिए ₹500 करोड की व्यवस्था की गई है।
- इस ऑपरेशन के तहत खेत फसल निकालने के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्टोरेज सुविधा की व्यवस्था की जाएगी।
- इससे इन फसलों की कीमत स्थिरता में भी कमी आएगी।
- इससे किसानों को भी उन की फसल के लिए उचित कीमत मिलेगी तथा वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य में सहायता मिलेगी।