शुक्र ग्रह

या पृथ्वी से सर्वाधिक निकट स्थिति है तथा बुध के बाद सूर्य से निकटतम इससे दूसरा ग्रह है या द्रव्यमान तथा आकार में पृथ्वी के समान है इसलिए इसे पृथ्वी की बहन ग्रह अथवा पृथ्वी का जुड़वां ग्रह कहा जाता है सघन वायुमंडल एवं कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति के कारण इसका तापमान सर्वाधिक 475 डिग्री सेल्सियस है अधिक तापमान के कारण या सौरमंडल का सर्वाधिक चमकीला ग्रह है जो अधिक चमकने के कारण सबसे खूबसूरत माना जाता है इसलिए प्रेम एवं सुंदरता के देवता शुक्र के नाम पर आधारित इस ग्रह का नाम रखा गया है।

पृथ्वी का वायुमंडल का दाब 90 गुना अधिक है यही कारण है कि सोवियत के पास पहुंच गए इस के बाजू में सर्वाधिक मात्रा में गैस पाए जाते हैं वायुमंडल में नाइट्रोजन और जलवा हैं तथा अन्य देशों में ऑक्सीजन तथा सल्फर डाइऑक्साइड पाया जाता है शुक्र ग्रह को प्रेशर कुकर दशा ग्रह कहा जाता है क्योंकि अधिक दांत के कारण इस पर प्रेशर कुकर जैसी तथा विद्यमान रहती है।

ज्वालामुखी उद्गार के कारण इसके वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड भी उपस्थित है शुक्र को जो भी सुबह का तारा तथा शाम का तारा कहा जाता है शाम को या पश्चिम दिशा तथा सुबह पूर्व दिशा में दिखाई देता है।

यूनान वासी इसे फास्फोरस अथवा सुबह का तारा तथा एस्पेयर्स अर्थात् शाम का तारा कहते थे या सुबह तथा शाम को बुध की अपेक्षा अधिक समय तक दिखाई देता है इसका केंद्र लोहे तथा निखिल का बना है इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का 81% है या सघन बादलों से ढका है।

इसलिए इसका धरातल दिखाई नहीं देता है इसके बाजू मंडल में गति है जो कि हमें कैसे पता चलता है शुक्र ग्रह का सर्वोच्च मैक्सवेल है जो लगभग 11 किलोमीटर ऊंचा है इसके अच्छा पर झुकाव 3 डिग्री है।

इसे न्यूनतम भ्रमण गति वाला ग्रह कहा जाता है गतिमान है इसके पश्चिम में एक विस्तृत पठार है जिसका नाम लक्ष्मी पठार है तथा इसके 45 डिग्री इन दोनों को बेबी लोन की प्रेम देवी के नाम पर सम्मानित रूप से कहते हैं

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