कांग्रेस का पुराना नाम भारतीय राष्ट्रीय संघ दादा भाई नौरोजी के कहने पर इसका नाम बदलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस किया गया। कांग्रेस का प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए ओ ह्यूम के द्वारा किया गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तय्यवजी थे। बदरुद्दीन तय्यवजी राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन मे मद्रास में तीसरे अधिवेशन में अध्यक्ष थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का चौथा अधिवेशन इलाहाबाद में हुआ। जिसके अध्यक्ष सर्वप्रथम ब्रिटिश जॉर्ज यूले ने किया। कांग्रेस का सबसे अधिक अध्यक्षता का श्रेय दादा भाई नौरोजी और पंडित जवाहर लाल नेहरू को जाता है। तथा कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष के रूप में सरोजिनी नायडू थी। जो कानपुर अधिवेशन में 1925 ईस्वी में अध्यक्षता की थी। तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम विदेशी महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थी ,जो कोलकाता अधिवेशन में 1987 में अध्यक्षता की थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष मौलाना अबुल कलाम आजाद थे। तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के समय 1947 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष जे वी कृपलानी थी ।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1931 के कराची अधिवेशन में अध्यक्षता बल्लभ भाई पटेल ने किया इसी अधिवेशन में मौलिक अधिकार से संबंधित प्रस्ताव पारित हुआ। कांग्रेस के उदय से संबंधित सेफ्टी वाल्व का सिद्धांत लाला लाजपत राय ने दिया था।