संवैधानिक शब्दावली (constitutional terminology)के कुछ शब्दों के बारे में जानकारी भाग 3

निन्दा प्रस्ताव - निन्दा प्रस्ताव मंत्रिपरिषद अथवा किसी एक मंत्री के विरुद्ध उसकी विफलता पर खेद अथवा रोष व्यक्त करने के लिए किया जाता है । निन्दा प्रस्ताव में निन्दा के कारणों का उल्लेख करना आवश्यक होता हैं । निन्दा प्रस्ताव नियमानुसार है या नहीं इसका निर्णय अध्यक्ष करता है ।
 
धन्यवाद प्रस्ताव- राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद की कार्यमंत्रणा समिति की सिफारिश पर तीन - चार दिनों तक धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है । चर्चा प्रस्तावक द्वारा आरम्भ होती है तथा उसके बाद प्रस्तावक का समर्थक बोलता है । इस चर्चा में राष्ट्रपति के नाम का उल्लेख नहीं किया जाता है , क्योंकि अभिभाषण की विषय - वस्तु के लिए सरकार उत्तरदायी । होती है । अन्त में धन्यवाद प्रस्ताव मतदान के लिए रखा जाता है तथा उसे स्वीकृत किया जाता है ।

विश्वास प्रस्ताव - बहुमत का समर्थन प्राप्त होने में सन्देह होने के की स्थिति में सरकार द्वारा लोकसभा या विधान सभा में विश्वास प्रस्ताव लाया जाता है । इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सिद्ध करना होता है कि सदन का बहुमत इसके साथ है विश्वास प्रस्ताव के  पारित न होने की दशा में सरकार को त्यागपत्र देना आवश्यक हो जाता हैं ।

सदन का स्थगन / सत्रावसान - सदन के स्थान द्वारा सदन के काम - काज को विनिर्दिष्ट समय के लिए स्थगित कर दिया जाता है । यह कुछ घण्टे , दिन या सप्ताह का भी हो सकता है । जबकि सत्रावसान द्वारा सत्र की समाप्ति होती है ।

 विघटन - विघटन केवल लोकसभा का ही हो सकता है । इससे लोकसभा का अन्त हो जाता है ।

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