क्रयोजेनिक तकनीक

भौतिक की वह शाखा है जिसमें अत्यधिक निम्न ताप उत्पन्न करने व उसके अनुप्रयोगों का अध्ययन किया जाता है वास्तव में क्रायोजेनिक शब्द का उद्भव यूनानी शब्दों क्रायो स तथा जेनिक से हुआ है और क्रयोस का  अर्थ है बर्फ जैसा ठंडा जबकि जैनिक का अर्थ है पैदा करना इस शब्द का सर्वप्रथम उपयोग नीदरलैंड के प्रोफेसर केमर्लिंग ओनन्स ने 1894 ई. में ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन एवं हीलियम जैसी स्थाई गैसों के शीतलन द्वारा सरलीकरण के संदर्भ में किया था ।दरअसल क्रायोजेनिक तकनीक का विकास उन्नीसवीं सदी के वैज्ञानिक द्वारा स्थाई गैसों के नवीकरण के लिए किए गए प्रयासों का ही परिणाम है ।क्रायोजेनिक तकनीक से 238 डिग्री फारेनहाइट कम ताप पर कार्य करती है 268 डिग्री फॉरेनहाइट से नीचे के तापमान ओके संदर्भ में ही सामान्यता क्रायोजेनिक शब्द का प्रयोग किया जाता है क्रायोजेनिक तकनीकी का मुख्य उपयोग रॉकेट में किया जाता है जहां गैसीय ईंधनों को क्रायोजेनिक तकनीकी से तरल अवस्था में परिवर्तित कर लिया जाता है राकेट के क्रायोजेनिक चरण को ऊर्जा प्रदान करने वाले इंजन में अत्यधिक ठंडी और विकृत गैसों को ईंधन और ऑक्सीकारक के रूप में प्रयोग किया जाता है प्रायः इस इंजन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन क्रम सा ईंधन और ऑक्सीकारक का कार्य करते हैं।
Posted on by