वर्गिकी

जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत जियो जातियों को उनकी समानता एवं असमानता के आधार पर छोटे बड़े समूहों में बांटा जाता है वर्गीकरण विज्ञान या वर्ग की कहते हैं कैरोलस लीनियस ने जो जातियों के नाम करण हेतु ध्रुपद नामकरण की एक पद्धति बनाई उन्हें आधुनिक वर्गीकरण का पिता कहते हैं।

* जीओ के वर्गीकरण के संबंध में विभिन्न वैज्ञानिकों ने अपने मत दिए किंतु वर्तमान में ह्वटेेेेकर के 5 जगत प्रणाली को मान्यता दी गई है।

* इनमें समस्त जीवों को पांच जगत मोनेरा प्रोटिस्टा कवक पादप तथा जंतु में विभाजित किया है ।

* जंतु जगत के अंतर्गत समस्त कशेरुकी तथा अकशेर की जीवो को शामिल किया गया है जीव वैज्ञानिकों के अनुसार जीव जगत में सबसे अधिक संख्या कीटो की है कीट आर्थोपोडा संघ के अंतर्गत आते हैं कुल ज्ञात जंतु जातियों में से लगभग 60% आर्थोपोडा संघ के हैं पादप जातियों की संख्या लगभग चार लाख है सभी एक को सीए जिओ में लैंगिक विधि द्वारा जनन होता है अमीबा एक कोशिकी ए प्रोटोजोआ जंतु है जो कि प्रायः विखंडन विधि द्वारा जनन करता है।

* मोनेरा जगत के अंतर्गत एक कोशिकीय जीवों को रखा गया है इसमें माइकोप्लाज्मा जीवाणु सायनोबैक्टीरिया आदि चीजों को शामिल किया गया है माइकोप्लाजमा स्वतंत्र जीवन यापन करने वाले सूक्ष्म जीव है सायनोबैक्टीरिया और नील हरित शैवाल भी कहते हैं।

Posted on by