मेघालय काल ( Meghalayan Age )
हम आश्चर्य एवं रहस्यों से भरपूर धरती पर रहते हैं । उल्लेखनीय वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद भी बहुत कुछ ऐसा है जिसको खोजना एवं जानना बाकी है । वैज्ञानिकों की मानें तो अभी एक बड़ा हिस्सा पृथ्वी पर खोजा जाना बाकी है । ताजा मामला है - अंतर्राष्ट्रीय भूवैज्ञानिकों ( International Geologists ) द्वारा खोजा गया पृथ्वी के इतिहास का एक विशेष काल । जून 2018 में ‘ इण्टरनेशनल यूनियन ऑफ जिओलॉजिकल साइंसेज ' ( International Union of Geological Sciences ) ने पृथ्वी के इतिहास में एक नये काल की खोज की है जिसका संबंध भारत के मेघालय राज्य से है और इसीलिये इस काल को ‘ मेघालय युग ' की संज्ञा दी गई है ।
मेघालय युग ही नाम क्यों ? ( Why Meghalayan ) :
4 . 6 अरब साल के धरती के इतिहास को कई काल खंडों में बांटा गया है । हर कालखण्ड कुछ विशेष घटनाओं जैसे महाद्वीपों का टूटना , पर्यावरण में आमूलचूल परिवर्तन , जानवरों या पौधों की उत्पत्ति या किसी भयंकर प्राकृतिक आपदा से संबंधित है । वर्तमान में हम होलोसीन ( Holocene ) युग में जी रहे हैं । जिसको 11,700 वर्ष पूर्व से वर्तमान तक माना जाता हैं । होलोसीन युग को तीन उपभागों में बांटा गया है — द ग्रीनलैडिंयन ( The Greenlandian ) , नार्थ ग्रिप्पियन ( NorthgTippian ) एवं मेघालय ( Meghalayan ) ।