शून्य काल - संसद के दोनों सदनों में प्रश्न काल के ठीक बाट के समय को शुन्यकाल कहा जाता है । यह 12 बजे प्रारंभ होता है और एक बजे दिन तक चलता है । शून्यकाल का लोकसभा वा राज्यसभा की प्रक्रिया तथा संचालन नियम में कोई उल्लेख नहीं है । इस काल अर्थात् 12 बजे से 1 बजे तक के समय को शून्यकाल का नाम समाचार पत्रों द्वारा दिया गया । इस काल के दौरान सदस्य अविलम्बनीय महत्त्व के मामलों को उठाते हैं तथा उस पर तुरंत कार्यवाही की जाती हैं ।
स्थगन प्रस्ताव - स्थगन प्रस्ताव पेश करने का मुख्य उद्देश्य किसी अविलम्बनीय लोक महत्व के मामले की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करना है । जब इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है , तब सदन अविलम्बनीय लोक महत्त्व के निश्चित मामले पर चर्चा करने के लिए सदन का नियमित कार्य रोक देता हैं । इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों की स्वीकृति आवश्यक है ।
अनुपूरक प्रश्न - सदन में किसी सदस्य द्वारा अध्यक्ष की अनुमति से किसी विषय , जिसके सम्बन्ध में में उत्तर दिया जा चुका है , के स्पष्टीकरण हेतु अनुपूरक प्रश्न पूछने की अनुमति प्रदान की जाती हैं।
तारांकित प्रश्न - जिन प्रश्नों का उत्तर सदस्य तुरंत सदन में चाहता हैं उसे तारांकित प्रश्न कहा जाता है । तारांकित प्रश्नों का उत्तर मौखिक दिया जाता है तथा तारांकित प्रश्नों के अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं । इस प्रश्न पर तारा लगाकर अन्य प्रश्नों में इसका भेद किया जाता हैं ।