भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एकाएक खटी ऐसी कोई घटना या ऐतिहासिक दुर्घटना नहीं थी बल्कि यह राजनीतिक जागरण प्रक्रिया के पराकाष्ठा थी कांग्रेस की स्थापना से पूर्व की अनेक राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठन की स्थापना हो चुकी थी ।
प्रारंभिक राजनीतिक संगठन -
1820 के दशक में राजा राम मोहन राय के द्वारा राजनीतिक जागरण का प्रारंभ होता है उन्होंने पहली बार राजनीतिक प्रश्नों को उठाया जैसे - समाचार पत्रों की स्वतंत्रता , न्यायालयों में भारतीयों की नियुक्ति आदि ।
1836 ई. में " बंग भाषा प्रकाशक सभा " की स्थापना हुई जो सरकार की नीतियों से संबंधित मामले की समीक्षा करती थी 1838 में बंगाल के जमींदारों ने " लैंड होल्डर्स सोसाइटी " का गठन किया इसके माध्यम से उन्होंने भूमि के अपहरण का विरोध किया इस प्रकार यह पहला संगठित राजनीतिक प्रयास था 1843 में ' बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी ' बनाई गई आगे 1851 इन दोनों संस्थाओं को मिलाकर ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन का गठन किया गया जिससे ब्रिटेन की संसद को पत्र लिखकर नमन कर अबकारी कर समाप्त करने की मांग की गई ।
1852 ई. में मुंबई एसोसिएशन तथा मद्रास एसोसिएशन की स्थापना हुई इन संस्थाओं ने अपने अपने क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां बनाए रखी 1857 के विद्रोह की सफलता के बाद राजनीतिक चेतना में परिवर्तन आया और अब अधिक विस्तृत प्रकार के उद्देश्यों से प्रचलित राजनीतिक संगठनों की स्थापना हुई दादा भाई नौरोजी 1866 ई. में " ईस्ट इंडिया एसोसिएशन " की स्थापना हुई जिसकी बहुत सी शाखाएं भारत में खोली गई ।