आदि महोत्सव के विषय में जानकारी

 ➡ हाल ही में जनजातीय शिल्प , संस्कृति ,खान-पान और वाणिज्य की भावना के संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं TRIFED ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव का आयोजन किया जिसे आदि महोत्सव का नाम दिया गया है ।

➡ इस महोत्सव में जनजातीय कला और शिल्प,  जनजातीय औषधि और चिकित्सा पद्धति तथा आदिवासी खान-पान से संबंधित सामग्रियों का प्रदर्शन और विक्रय होगा।
 
➡  इसमें जनजाति लोक -कला का प्रदर्शन भी होगा, जिसमें देश के 23 राज्यों के आदिवासी कारीगर, भोजन निर्माता, लोक-नर्तक , संगीतकार आदि सम्मिलित होंगे और अपनी समृद्ध पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे।
  
➡  आदि महोत्सव में 100 स्टाल होंगे जहां आदिवासी हस्तशिल्प , कला , चित्रों,  कपड़ों , गहनों आदि की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी ।
  
➡ विभिन्न राज्यों के 200 आदिवासी कारीगर और कलाकार आएंगे और इस प्रकार भारत का एक छोटा स्वरूप ही यहां प्रकट हो जाएगा ।
 
➡ यह आदिम संस्कृति का प्रदर्शन है । आदिवासी जीवन स्वभाव से सादा होता है और इससे शाश्वत मूल्य जुड़े होते हैं।
 
➡ आदिवासियों की विशेषता है कि वे अपनी प्राकृतिक सरलता और पुराने कौशलों को अभी तक बनाए रखने में समर्थ रहे हैं ।
  
➡ उनका यह कौशल और सरलता उनके हस्तशिल्प एवं नृत्य संगीत में आज भी झलकता है ।

➡ भारत सरकार का यह प्रक्रम आदिवासियों को प्रोत्साहित करने तथा उनको एक नई पहचान देने के लक्ष्य से इस महोत्सव का आयोजन किया गया है ,जिसके अंतर्गत उनकी कला कौशल और प्रतिभाओं को निखारा जा सके और एक नई पहचान दी जा सके।

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