शपथ या प्रतिज्ञान
संविधान के अनुच्छेद 69 में उपराष्ट्रपति द्वारा अपना पद प्रहण करने के पूर्व राष्ट्रपति अथवा उसके द्वारा इस प्रयोजन के लिए नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष शपथ लेना आवश्यक है । का शपथ पत्र का प्रारूप निम्नलिखित रूप में निर्धारित होता है-
मैं , अमुक ईश्वर की शपथ लेता हैं / सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के न के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रहूँगा तथा संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा तथा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूँ उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूंगा ।
अनुच्छेद 68 के अनुसार , उपराष्ट्रपति की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन पदावधि की समाप्ति से पूर्व किया जाएगा तथा उपराष्ट्रपति की मृत्यु , पदत्याग या पद से हटाये जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन यथा शीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति अपने पद ग्रहण की तारीख़ से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा । पदावधि के दौरान उपराष्ट्रपति की मृत्यु हो जाने की स्थिति में रिक्त हुए उसके पद को कार्यवाहक उपराष्ट्रपति के द्वारा भरे जाने सम्बन्धी कोई संवैधानिक व्यवस्था नहीं है । इस प्रकार ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति का पद केवल निर्वाचन के द्वारा ही भरा जाएगा ।