उपराष्ट्रपति के वेतन एवं भत्ते के विषय में

अनुच्छेद 97 के अनुसार , उपराष्ट्रपति अपने पद का वेतन नहीं ग्रहण करता बल्कि वह राज्यसभा के सभापति के रूप में अपना वेतन ग्रहण करता है । केन्द्रीय _ मंत्रिमण्डल द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार उपराष्ट्रपति का वेतन 4 लाख रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है । इस वेतन के अतिरिक्त उपराष्ट्रपति को बिना किराए का सुसज्जित मकान आवास के लिए दिया जाता है । राज्भा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति  को वेतन भारत की संचित निधि से दिया जाता है । उपराष्ट्रपति के वेतन या भत्ते में उसकी पदावधि के दौरान कभी कमी नहीं की जा सकती । पदावधि के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति को पारिवारिक पेंशन , आवास और चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त हैं । उपराष्ट्रपति के निधन अथवा सेवा निवृत्ति की स्थिति में पत्नी अथवा पति को पेंशन प्राप्त होगी ।
 20 दिसम्बर , 1999को संसद ने उपराष्ट्रपति की पेंशन में वृद्धि हेतु विधेयक पारित कर इसे 6250 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया था । पद विमुक्ति के पश्चात् उपराष्ट्रपति की पेंशन उनके वेतन का 50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है । इस प्रकार वर्तमान में सेवा निवृत्ति पर उपराष्ट्रपति को 7,50,000 रुपये वार्षिक पेंशन देय है । साथ ही सेवानिवृत्त उपराष्ट्रपति को कार्यालय ख़र्च के लिए मिलने वाली राशि को भी 6000 रुपये से बढ़ाकर 12 , 000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है । ध्यातव्य है कि 1997 से पूर्व उपराष्ट्रपति की सेवा निवृत्ति के पश्चात् पेंशन का प्रावधान नहीं था । 1997 से ही उपराष्ट्रपति को | 6250 रुपये प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान किया गया था ।

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