तांत्रिक तंत्र

तंत्रिका ऊतक की इकाई को न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका कहते हैं यह शरीर की सबसे लंबी कोशिकाएं हैं ।

* संवेदी या अभी वहीं तंत्रिका कोशिकाएं संवेदना से चैता प्रेरणा को प्राप्त करके इन्हें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पहुंच आती है चालक या अफवाह ई तंत्रिका कोशिकाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को क्रियान्वयन या अफवाह अगों से जोड़ती है।

* केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अंतर्गत मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु या सुषुम्ना आते हैं यह तंत्र शरीर की सभी क्रियाओं का नियमन और नियंत्रण करता है परिधीय तंत्रिका तंत्र के अंतर्गत शाखान्वित तंत्रिका ए आती है जो पूरी शरीर में जाल वत फैली होती है इसके अंतर्गत क्रेनियल तथा स्पाइनल तंत्र कहते हैं क्रेनियल तंत्रिका मस्तिक से जुड़ी होती है, तथा स्पाइनल तंत्रिका है मेरुरज्जु से जुड़ी होती है।

* मनुष्य में 12 जोड़ी क्रेनियल तंत्रिका में होती है इसमें से पहली दूसरी तथा आठवीं जोड़ी संवेदी होती हैं तथा शेष मिश्रित होती है मनुष्य में 31 जोड़ी स्पाइनल तंत्रिका में पाई जाती हैं ।यह हाथ पैरों की पेशियों तथा त्वचा की ग्रंथियों त्वचा ज्ञानेंद्रियों आदि को स्पाइनल या मेरुरज्जु से जोड़ती है।

* मानव मस्तिक के विभिन्न भागों द्वारा सभी गतिविधियों का संचालन तथा नमन किया जाता है मानव के पश्च मस्तिष्क के अंतर्गत मस्तिक पूछ आता है जिसे प्राया मेडुला कहा जाता है इसकी लंबाई लगभग 3 सेंटीमीटर होती है तथा यह ऊपर की ओर पोर्नस तथा नीचे की ओर सुषुम्ना से जुड़ा होता है।

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