भारतीय संस्कृति के प्रमुख उन्नायक (भाग-2)
- 'चैतन्य महाप्रभु' का जन्म 'नाडिया' में हुआ था।
- 'गुरु गोविंद सिंह' की समाधि 'नांदेड़' में स्थित है।
- 'महावीर जैन' की मृत्यु 'पावापुरी' में हुई थी।
- सुप्रसिद्ध उर्दू शायर 'मिर्जा गालिब', 'आगरा' के मूल निवासी थे।
- 'गुरु गोविंद सिंह' की समाधि होने के कारण 'नांदेड गुरुद्वारा' सिख समुदाय के लिए पवित्र स्थल माना जाता है।
- बंगाल में भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक 'चैतन्य' थे।
- 'शिकागो' के प्रसिद्ध "विश्व धर्म सम्मेलन" में भारत का प्रतिनिधित्व 'स्वामी विवेकानंद' ने किया था।
- भारतीय "पुनर्जागरण आंदोलन" के पिता 'राजा राममोहन राय' थे।
- मल्लराज 'सस्तीपाल' के महल में 'महावीर स्वामी' की मृत्यु हुई थी।
- संगीतज्ञ एवं ध्रुपद गायिकी 'तानसेन' को "कण्ठाभरणवाणीविलास" की उपाधि 'अकबर' ने दी थी।
- 'स्वामी विवेकानंद' को विवेकानंद की उपाधि महाराजा 'खेतड़ी' ने प्रदान की थी।
- 'रामानंद' ने अपने संदेश के प्रचार के लिए सबसे पहले हिंदी का प्रयोग किया था।
- 'संत कबीर' का जन्म 'वाराणसी' में हुआ था।
- 'महावीर' का जन्म क्षत्रिय राजघराने में हुआ था।
- 'बुद्ध' 'शाक्य' वंश से संबंधित थे।
- ज्ञान प्राप्ति से पूर्व 'महावीर' का नाम 'वर्धमान' था।
- सिख गुरु 'अर्जुन देव' 'जहांगीर' के शासनकाल में थे।
- 'खालसा' की स्थापना 'गुरु गोविंद सिंह' ने की थी।
- राग "मियां की मल्हार" का रचयिता 'तानसेन' को माना जाता है।
- 'महावीर' की माता 'त्रिशला' थी।
- 'अमीर खुसरो' एक कवि, संगीतज्ञ तथा इतिहासकार थे।
- 'प्रार्थना समाज' के संस्थापक 'आत्माराम पांडुरंग' थे।
- 'राजा राममोहन राय' 'ब्रह्म' समाज के संस्थापक थे।