क्रांतिकारी राष्ट्रवादी का सर्वप्रथम केंद्र महाराष्ट्र था 1899 ईस्वी जनता की घृणा कर पात्र रैंड और रिसर्ट कि हत्या कर दी गई जिसमें श्यामजी कृष्ण वर्मा जी का भी हाथ था वह भागकर लंदन पहुंच गए जहां उन्होंने 1905 ईस्वी में इंडियन होमरूल सोसाइटी की स्थापना की उनकी सहायता से विनायक दामोदर सावरकर भी लंदन पहुंचकर इंडिया हाउस में क्रांतिकारी दल के नेता हो गए वी डी सावरकर जी ने अभिनव भारत सोसायटी के सदस्यों के लिए पिस्तौल भेजने की व्यवस्था की विनायक सावरकर के भाई गणेश सावरकर जी भी अभियोग चलाया गया था तथा 1909 ईस्वी में उन्हें गोली मार दी गयी।
बंगाल में क्रांतिकारियों का नेतृत्व अरविंद घोष के भाई पीके घोष ने किया उन्होंने युगांतर अखबार के माध्यम से जनता को राजनीतिक और धार्मिक शिक्षा देना आरंभ किया बीएन दत्त और बीके घोष के नेतृत्व में अनेक क्रांतिकारी समितियां बनाई गई जिसमें अनुशीलन समिति प्रमुख थे इस समिति की शाखाएं कोलकाता तथा ढाका में थी इस समिति ने आतंकवादी कार्यक्रम शुरू किया 1907 ईस्वी में लेफ्टिनेंट गवर्नर की गाड़ी को बम से उड़ाने का विफल प्रयास किया गया प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस इस समिति के महत्वपूर्ण सदस्य थे चाकी ने स्वयं को गोली मार ली तथा खुदीराम बोस को फांसी दे दी गई।
कोलकाता षड्यंत्र में अरविंद घोष बीके घोष हेम चंद्र दास नरेंद्र गोसाई, के एल दत्त, एस एन बोस आदि को ग्रिफ्तार करके मुकदमे चलाए गए। के एल दत्त तथा एस एन बोस को फांसी दे दी गयी।