शास्त्रीय नृत्य शैलियां

शास्त्रीय नृत्य शैलियां

  1. 'कत्थक' एक उत्तर भारतीय नृत्य है।
  2. 'कुचीपुड़ी' आंध्र प्रदेश की नृत्य शैली है।
  3. 'मोहिनीअट्टम' मूल रूप से 'केरल' में जन्मा और विकसित हुआ लोक नृत्य है।
  4. 'केरल' में सर्वाधिक प्रचलित शास्त्रीय नृत्य 'कथकली' है।
  5. 'भरतनाट्यम' नृत्य शैली का संबंध 'तमिलनाडु' राज्य से है।
  6. ओडिसी, कुचीपुड़ी और भारतनाट्यम शास्त्रीय नृत्य शैली "देवदासी नृत्य परंपरा" की विरासत है।
  7. मुखौटा नृत्य का संबंध 'कथकली' नृत्य शैली से है।
  8. 'सदिर' भरतनाट्यम नृत्य शैली का प्राचीन नाम है।
  9. 'कथकली' शास्त्रीय नृत्य में मुखोटे का प्रयोग किया जाता है।
  10. 'रविंद्रनाथ टैगोर' ने 'कथकली शास्त्रीय नृत्य' को पुनर्जीवित करके उसे केरल के अतिरिक्त 'बंगाल' में भी लोकप्रिय बनाया।
  11. कत्थक, ओडिसी और मणिपुरी एक शास्त्रीय नृत्य है।
  12. 'मोहिनीअट्टम नृत्य' का संबंध 'देवदासी परंपरा' से है।
  13. भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी तथा मोहिनीअट्टम एकल नृत्य है।
  14. 'ओटटनतुल्लन' "गरीबों की कथकली" के नाम से जानी जाती है।
  15. भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सबसे प्राचीन शैली 'भरतनाट्यम' है।
  16. 'कत्थक' उत्तरी भारत की नृत्य शैली है।
  17. 'मणिपुरी' नृत्य का शास्त्रीय रूप है।
  18. 'कुचिपुड़ी' एक 'देव नृत्य' है।
  19. 'मणिपुरी' नृत्य शैली का उद्गम पूर्वी भारत से है।
  20. 'कथकली' शास्त्रीय नृत्य 'केरल' राज्य में शुरू हुआ था।
  21. 'कत्थक' नृत्य का उद्भव उत्तर भारत में हुआ है।
  22. 'गिद्दा' जो कि एक नृत्य का रूप है, पंजाब राज्य से सम्बद्ध है।
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