उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के अंतर्गत आने वाला स्थल फतेहपुर सीकरी है 1527 ईस्वी की खानवा की लड़ाई के दौरान बाबर जब इस स्थल पर प्रथम बार आया और लड़ाई जीतने के पश्चात इस स्थल को सीकरी नाम दिया lअकबर ने 1571 में इसे अपनी राजधानी का रूप दिया ll
राजधानी आगरा से यहां लाने का उद्देश अकबर का सीकरी के सूफी संत शेख सलीम चिश्ती को सम्मान देना था क्योंकि शेख सलीम चिश्ती के आशीर्वाद और दुआओं के फलस्वरूप अकबर को संतान प्राप्ति हुई थी इसी खुशी में अकबर ने इस स्थल को फतेहाबाद नाम दिया जो बाद में फतेहपुर सीकरी नाम से प्रसिद्ध हुआ l
1580 श्री में यहां आने वाले प्रथम जेसुइट मिशन का नेतृत्व फादर एकाबीवा ने किया था l15 वर्षों तक फतेहपुर सीकरी अकबर की रियासत कालीन राजधानी रही लेकिन जल की कमी के कारण बाद में इसे पुणे आगरा बना दिया गया यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर में 1986 में शामिल हुआl फतेहपुर सिकरी को मुगल बादशाह अकबर ने 1569 में बसाया था l
सीकरी प्रथम मुगलों का नियोजित शहर माना जाता है इसके निर्माण का ढांचा बहाउद्दीन ने तैयार किया थाl फतेहपुर सीकरी के इस परिसर में 5 मंजिला वाला भवन है जो किले की विशेष महिला उदासियों के लिए बनवाया गया थाl इसे पंचमहल कहते हैं इसमें मीना बाजार लगाई जाती थीl जिसमें राज शाही परिवार की महिलाएं क्रय विक्रय किया करती थीl