मुगलकालीन पुस्तकों का अनुवाद

मुगल सम्राट अकबर ने अनुवाद विभाग की स्थापना की  थीl इस विभाग में संस्कृत, अरबी, तुर्की एवं ग्रीक भाषाओं की अनेक कृतियों का अनुवाद फारसी भाषा में किया गयाl फारसी मुगलों की राजकीय भाषा थी महाभारत का फारसी भाषा में रज्मनामा नाम से अनुवाद बदायूंनी ने किया lनकीम खां व अब्दुल कादिर ने भी किया थाl रामायण का अनुवाद 1589 ईस्वी में फारसी में अब्दुल कादिर बदायूंनी ने किया था l

ज्योतिष के प्रसिद्ध ग्रंथ तजक( तुजुक  )फारसी में अनुवाद जहान- ए- जफर नाम से मोहम्मद खान गुजराती भाषा में कियाl अथर्ववेद का अनुवाद फारसी में हाजी इब्राहिम सरहिंदी में किया था l

इसी प्रकार पंचतंत्र का फारसी अनुवाद अबुल फजल ने अनवर -ए- सुहेली नाम से तथा मौलाना हुसैन फैज ने  यार-  ए -दानिश नाम से किया थाl कालिया दमन का अनुवाद फारसी में अब्दुल फजल ने आयार -ए -दानिश नाम से किया l

राज तरंगिणी का भी फारसी में अनुवाद मौलाना सेरी ने किया था lगणित की पुस्तक लीलावती का अनुवाद फारसी में फैजी ने किया थाl नल दमयंती का अनुवाद फारसी में फैजी ने किया lसिंहासन 32 का अनुवाद फारसी में अब्दुल कादिर बदायूंनी ने किया l तुजुक ए बाबरी का अनुवाद अब्दुल रहीम खानखाना ने फारसी में कियाl

अरबी भाषा में लिखी गई भूगोल की पुस्तक मुजाम -उल -बुलडान का फारसी में अनुवाद मुल्ला अहमद ने किया lयोग वशिष्ठ का अनुवाद फारसी में फैजी ने कियाl

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