चर्चा में क्यों ?
हाल ही में नासा का इनसाइट ( Insight ) नामक अंतरिक्ष यान अपनी 6 महीने में 482 मिलियन किलोमीटर की यात्रा पूरी कर मंगल ग्रह पर उतर गया ।
==> यह अंतरिक्ष यान ग्रह के सतह के नीचे खोदकर आवश्यक छानबीन कर सकने में सक्षम हैं ।
==>वर्ष 1976 में आरम्भ वाइकिंग खोज श्रृंखला से लेकर अभी तक नासा ने मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारने के कई प्रयास किये हैं ।
=>अब तक के सभी प्रयास एक को छोड़कर सफल रहे हैं । यह प्रयास नौवा है । नासा का अंतिम अंतरिक्षयान क्यूरोसिटी रोवर ( Curiosity Rover ) 2012 में मंगल ग्रह पर उतरा था ।
क्या है यह मिशन ?
=> नासा इस अभियान में एक रोबोटिक भू - वैज्ञानिक को भेजा है जो मंगल की खुदाई करके तापमान को जानने की कोशिश करेगा ।
=> इस मिशन का मुख्य काम मंगल ग्रह की गहरी संरचना के विषय में जानकारी इकट्ठा करना है ।
=> मंगल के सतह , वायुमंडल , आयनमंडल के बारे में वैज्ञानिक पहले से ही जान चुके हैं , पर मंगल की सतह के नीचे क्या है , यह अभी भी जानना बाकी रह गया है ।
=> इसकी लागत 82 . 88 करोड़ डॉलर है ।
=> इसका भार 360 किलोग्राम है ।
क्या है यह तकनीक ? -
=> इस मार्स लैंडर में एक सिस्मोमीटर लगा है , जो मंगल में आने । वाले भूकम्प की तीव्रता की जाँच करेगा ।
=> इसमें एक हीट फ्लो लगा है जो मंगल के सतह से 5 मीटर / 16 फिट तक अन्दर जाकर तापमान जानने की कोशिश करेगा ।
=> इस अन्तरिक्ष यान में एक रेडियो विज्ञान यंत्र भी लगा हुआ है जो मंगल ग्रह की संरचना और बदलावों की जाँच करेगा ।
=> इस लैंडर में एक थर्मल शील्ड भी लगा है जिसका कार्य पर्यावरण से सिस्मोमीटर को बचाना है ।
क्या करेगा खोज ?
=> यह मंगल ग्रह की चट्टानों और इस ग्रह का निर्माण कैसे हुआ , का यह पता लगाएगा ।
=> मंगल के घूर्णन ट्रैक और अन्तर्भाग के बारे में जानकारी जुटाएगा ।
Source :-the Hindu,27November, 2018