~समाजवादी विचारों एवं उन पर आधारित आंदोलनों का लक्ष्य पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा निर्मित असमानता ओं को समाप्त करना था समाजवादी आंदोलन अपने दृष्टिकोण में अंतरराष्ट्रीय वादी थे यानी वे सभी देशों के आम लोगों और मजदूरों को भाई भाई मानते थे तथा एक देश दूसरे पर शासन करने के विरोधी थे उन्होंने दुनिया के सभी भागों में सामाजिक व आर्थिक समानता स्थापित करने में प्रयत्नशील आंदोलनों और साम्राज्यवादी शासन से मुक्ति पाने के लिए किए जा रहे संघर्षों को समर्थन दिया रूसी क्रांति ने रूस के सम्राट के निरंकुश शासन को खत्म करके सोवियत संघ में समाजवाद के निर्माण का कार्य शुरू किया रूसी क्रांति ने घोषणा की कि प्रत्येक देश को अपना लक्ष्य निर्धारित करने का अधिकार है|
रूसी क्रांति ने आजादी के लिए संघर्ष कर रहे सभी लोगों को अपना समर्थन दिया और भारत के बाहर रह रहे क्रांतिकारी मानवेंद्र नाथ राय ने कई देशों की कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा स्थापित कम्युनिस्ट इंटरनेशनल में कई वर्षों तक सक्रिय काम किया समाजवादी विचारों और रूसी क्रांति से प्रभावित होकर भारत में समाजवादी विचारों का प्रचार करने के उद्देश्य से कई समाजवादी तथा कम्युनिस्ट समूहों के स्थापना हुई इन समूहों के अधिकांश नेताओं ने असहयोग आंदोलन में भाग लिया इन समूहों के कुछ नेता निम्नलिखित थे-
- श्रीपाद अमृत डांगे ,एम सिंगार, वैल्यू शौकत उस्मानी और मुजफ्फर अहमद |
जवाहरलाल नेहरू के प्रभाव में 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी के स्थापना हुई इस पार्टी ने कांग्रेस के साथ जुड़कर काम किया और इस ने किसानों मजदूरों को संगठित करने में तथा आजादी के संघर्ष के सामाजिक व आर्थिक उद्देश्य से संबंधित कांग्रेस की नीतियों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की|