जेम्स एन्सोर (1860 - 1949 ई0)

               जेम्स एन्सोर (1860 - 1949 ई0)

    एन्सोर का जन्म 1860 ई0 में बेल्जियम में हुआ था।
    1884 ई0 के बाद एन्सोर ने भूत-प्रेतों, कंकालों या नकाबों को आदमियों की जगह चित्रित करके उन्होंने स्वयं को छोटे रूप में चित्रित किया।
    प्रमुख चित्र:- 1. सांवली महिला                2. चरवाहों की भक्ति पूजा       3. मेरूशलम में प्रवेश
                        4. ईशा का आत्मसमर्पण       5. ईश का ब्रसेल्स में प्रवेश

                एमिल नोल्डे (1867 - 1956 ई0)

              जन्म:- जर्मनी
    1896 ई0 में उनके रेखाचित्रों - गुफा निवासी स्त्री, आलसी, सामथ्र्य का नकाब में शारीरिक की अपेक्षा आत्मिक गुणों का दर्शन अधिक प्रभावपूर्ण है। उनके चित्र पौराणिक काल्पनिक है।
    स्वीटजरलैण्ड के पहाड़ों के काल्पनिक मानव रूप मंे चित्रित कर शीर्षक द्वारा कल्पना को स्पष्ट किया गया है। जैसे- युवती, भिक्षु, जंगली, अन्तिम भोजन, साक्षात्कार आदि।
    नोल्डे की कला में मानवीय आदिम प्रेरणाओं का साकार दर्शन है। वह इसी कारण क्ले ने पाताल का दैत्य कहा जाता है।
    प्रमुख चित्र:- 1. गुफा निवासी स्त्री                2. आलसी              3. सामथ्र्य का नकाब
                         4. युवती                                5. भिक्षु                   6. जंगली
                         7. अन्तिम भोजन                     8. साक्षात्कार।

            एडवर्ड मुंख (1863 - 1944 ई0)

          जन्म:- नार्वे
    उनके चित्र यौवन की प्राप्ति में किशोरी के शारीरिक सौन्दर्य का चित्रण नहीं बल्ेिक उसकी आशंकित मानसिक अवस्था का चित्रण है।
    प्रमुख चित्र:- 1. यौवन की प्राप्ति              2. आवाज               3. बीमार लड़की
                       4. मृत्यु का कमरा               5. मृत्यु शैय्या            6. मृत आत्मा
                       7. वसंत ऋतु की शाम          8. चीख
    1905 ई0 में मुंख सेतु नामक कला संस्था की स्थापना की।
    द स्कीम चित्र एडवर्ड मुंख का प्रभाववादी है। एडवर्ड मुंख के चित्रों मंे वसंत ऋतु की शाम उत्कृष्ट चित्र माना जाता है। जिसमें वातावरण को भयानक रूप में दर्शाया गया है।
 

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