पाब्लो पिकासो (1881 - 1973 ई0)

             पाब्लो पिकासो (1881 - 1973 ई0)

    आधुनिक कला का पितामह पिकासो थे।
    पिकासो का जन्म स्पेन के मलागा गाँव में हुआ था। (स्पेन)
    पिता चित्रकार तथा अध्यापक थे, माता का नाम मराया रूइच पिकासो था। अपने चित्रों पर पिकासो पाब्लो रूइच पिकासो नाम से हस्ताक्षर करते थे।
    14 वर्ष में वार्सोलोना चित्रकला संस्था की प्रवेश परीक्षा पास की।
    वे चार बिल्लियाँ नाम के जलपान गृह में सम्मिलित होते थे।
    1901 ई0 में पिकासो ने युवाकला नाम की पत्रिका का प्रकाशन आरम्भ किया।
    1901 ई0 से 1904 ई0 तक बनायी गयी कला नीला काल कहलाती है। इन चित्रो में- 1. परिव्यक्ता     2. वृद्ध ज्यूँ     3. युग्म      4.स्त्री करने वाली विशेष प्र्रसिद्ध है। (ठसनम च्मतपवक)
    1905 ई0 में पिकासो के चित्रो में नीलेरंग की जगह गुलाबी रंग ने प्रमुख स्थान बना लिया।
    नीले काल के चित्रों का मुख्य भाव था मानवीय दुःख जबकि गुलाबी काल के चित्रो का भाव निराशा व समर्पण था।
    गुलाबी काल के चित्र (त्वेम च्मतपवक)
1. भाड़ का परिवार
2. नट का परिवार
3. नट का गोला
    नीग्रो काल (1906 - 1908 ई0) का पिकासो का अविन्यों की स्त्रियाँ प्रसिद्ध है।
    1912 ई0 में कोलाज पद्धति का अविष्कार होकर घनवाद की विश्लेषणात्मक पद्धति पीछे रह गयी व संश्लेषणात्मक घनवादी चित्र बनने लगे।
1.    वायलिन
2.    आराम कुर्सी पर बैठी महिला
3.    गिटार खोपड़ी व समाचार पत्र।
    पिकासो ने मूर्ति समान ठोसपन लिए हुए ग्रीक कला से प्रभावित चित्र बनाये-
1.    श्वेत वस्त्र पहने हुए स्त्री
2.    माता व बालक
3.    पनघट पर तीन स्त्रियाँ
    अतियथार्थवादी चित्रण का आरम्भ तीन नर्तक 1925 ई0 के चित्रों से हुआ।
    नवशास्त्रीयवादी के साथ पिकासो घनवादी चित्रण भी कर रहे थे, उन्होंने वाद्ययंत्रों से युक्त वास्तुचित्र तीन वादक का चित्र बनाया।
    यूरेस्को के पेरिस भवन में विशाल भित्त चित्र बनाया।
    पिकासो के अतियथार्थवादी एवं घनवादी शैलियों का भावनापूर्ण उत्कर्ष उनके 1937 ई0 में बनाये विश्वविख्यात चित्र ग्र्वेनिका मंे देखने को मिला है। ये चित्र नीले रंग में बनाया गया है।
    चित्र में बैल- पाशवी अत्याचार अन्याय का प्रतीक
               घोड़ा- जनता का प्रतीक है।
    पिकासो ने लगभग दो लाख चित्रों की रचना की जिसके विषय थे- व्यक्ति चित्र, स्थिर वस्तुएँ, जानवर, पक्षी, उल्लू, मेंढक, घोड़े, सांड आदि।
    पिकासो उच्च कोटि के मूर्तिकार भी थे उनकी उत्कृष्ट मूर्तियों मे से मूर्तियाँ-
                                       1. मजाकिया        2. मुर्गा                        3. धातु रचना
                                       4. बिल्ली             5. भेड़वाला आदमी       6. बकरी।
अन्य चित्र- 1. साड़ से लड़ाई    2. मूर्तिकार का कार्यपक्ष    3. युद्ध व शांति   4. जीवन का आनन्द।
    घनवादी कलाकारों को रूप का कातिल कहा जाता है।
    पिकासो की पेंटिंग पाइप पीता हुआ लड़का क्रिस्टी की निलामी में  4 68 करोड़ में बिकी।
    नेचर-मार्त आन्ला शारलात पिकासो की पेंटिंग चोरी हो गयी थी। यह पेंटिंग 13 करोड़ मंे बिकी।
    नोट:- पिकासो को बुद्धिमान जीनियस कहा जाता है।
    पिकासो को आधुनिक कला की प्रेरणा अफ्रीकी मुखौटो से मिली।
 

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