जार्ज ब्राक (1882 - 1963 ई0)
जार्ज ब्राक का जन्म पेरिस के निकट आर्जन्तोई गाँव में हुआ था। 1907 ई0 में भूमध्यसागरीय प्रदेशों में स्थित लेस्ताक गाँव के प्राकृतिक दृश्यों को चित्रित किया। पिकासो के साथ ब्राक ने 1908 ई0 में पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित की थी। ब्राक ने चित्रण में पिकासो के विपरीत काव्यात्मक सौन्दर्य दिखाई देते है।
ब्राक ने घनवादी चित्रण के लिए प्रायः वस्तुओं के समूह को विषय वस्तु के रूप मंे चुना। वस्तु चित्रों मं अधिकतर वाद्ययन्त्र, समाचार पत्र, भोजनगृह की सुपरिचित वस्तुएँ चित्रित की गयी। वस्तुतः ब्राक ऐसे घनवादी चित्रकार है, जिन्होंने सर्वाधिक वस्तुचित्रण किया।
ब्राक ऐसे चित्रकार थे, जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में अपनी सेवा दी थी।
1956 ई0 में ब्राक आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने ब्राक को डाॅ0 की मानक उपाधि से सम्मानित किया।
1922 ई0 में ब्राक ने ऋतु व सम्पन्नता के देवता कानेफोरस की चित्रमालिका तैयार की।
प्रमुख चित्र:- 1931 ई0 से 1938 ई0 के बीच बने चित्र-
1. गोल मेज पर वस्तु समूह
2. लाल मेजपोस पर वस्तु समूह
3. संगमरमर का मेज
4. विलिथर्ड की मेज
5. मोडोलिन व वस्तुएँ
6. चिमनी व वस्तु समूह
7. फलों की थाली व गिलास (कोलाज कृति)
ब्राक के मानवाकृतियों के चित्र-
1. विवस्त्र स्त्री
2. वाथलीन व जलपात्र
3. द्वन्दगान
4. ताश का खेल
5. मेडोलीन वादिका
6. सूर्य का रथ
ब्राक के अन्तिम चित्र:-
1. आसमान में उड़ती हुई दो या तीन चिड़ियाँ
2. घोंसले को लौटती मादा चिड़िया
नोट:-1937 ई0 में ब्राक को फ्रांस का कार्नेजी पुरस्कार तथा 1948 ई0 में बेनिस की द्विवार्षिकी का सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त हुआ।