घर्षण बल के प्रकार

स्थैतिक बल - इस प्रकार के घर्षण बल ने वस्तुएं अपना स्थान नहीं छोड़ती हैं,  सीमांत घर्षण बल कहा जाता है ।यह सबसे मजबूत घर्षण बल होता है, जैसे किसी सिल्ली पर बल लगाने पर सिल्ली और जमीन के बीच उत्पन्न बल इसी बल के कारण हम पृथ्वी पर चल पाते हैं और इसी बल के कम होने पर बर्फ हुआ बालू पर चलना मुश्किल हो जाता है। यह बल एक वस्तु जब दूसरे वस्तु पर सकती है तो उत्पन्न होता है जैसे ब्रेक व पहिए के बीच घर्षण बल।

लोटनिक बल - इसमें एक वस्तु एक दूसरी वस्तु पर लटकती है तो यह बल उत्पन्न होता है यह सबसे कमजोर उत्पन्न होने वाला बल है जैसे चलती हुई साइकिल के पहिए व जमीन के बीच उत्पन्न घर्षण बल दैनिक कार्यों में घर्षण बल को बढ़ाना पड़ता है इसलिए वाहन के पहिए में खींचा ने दार टायर व सड़के खुरदरी बनाई जाती हैं इसी प्रकार कभी-कभी घर्षण बल कम करना पड़ता है इसलिए ध्रुव में तेल व ग्रिस का उपयोग होता है। तथा बैरींग में छर्रे लगाए जाते हैं।

यह घर्षण बल के उदाहरण हैं। यद्यपि घर्षण बल ना हो तो कार्य करना बहुत ही कठिन हो जाएगा

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