ग्रोथ - इडिया दूरबीन

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में लद्दाख के हानले में अधिष्ठापित भारतीय खगोल वेधशाला की 0.7 ग्रोथ - इंडिया दूरबीन ने पहली बार हाल में नोवा - विस्फोट से सम्बंधित एक वैज्ञानिक अवलोकन किया है ।

क्या है ?

GROWTH का फुल फॉर्म है - ' Global Relay of Observatories Watching Transients Happen ' .

कई देशों के सहयोग से ब्रह्मांड की घटनाओं के अवलोकन हेतु एक दूरबीन बनाई गई हैं जिसे Growth - India दूरबीन कहा जाता है ।

| यह पूरी तरह से रोबोट से चलता है ।

यह अपेक्षाकृत छोटी अवधियों में घटने वाली ब्रह्मांडीय घटनाओं को पकड़ने के लिए तैयार किया गया है ।

इस वैज्ञानिक पहल में अमेरिका , इंग्लैंड , जापान , भारत , जर्मनी , ताइवान और इजराइल के विश्वविद्यालय तथा अनुसंधान संस्थान शामिल हैं ।

इस दूरबीन का सबसे प्रधान लक्ष्य समय - आयामी खगोलशास्त्र  का अध्ययन करना है जिसमें विस्फोटक घटनाओं तथा प्रकाश एवं विकिरण के विभिन्न स्रोतों का अध्ययन शामिल है ।

लक्ष्य

जब कभी LIGO समूह को किसी युग्म न्यूट्रॉन तारे के विलय का  पता चलता है तो उस समय होने वाले विस्फोटों की खोज करना ।

आस - पास के नए सुपर - नोवा विस्फोटों का अध्ययन

आस - पास के क्षुद्रग्रहों का अध्ययन ।

नोवा अवलोकन क्या है ?

जब कभी श्वेत - वामन तारों ( White Dwarf Stars ) की सतह पर विस्फोट होता है तो उन तारों की चमक में तात्कालिक रूप से वृद्धि हो जाती है ।

इन विस्फोटों को नोवा विस्फोट कहते हैं । एक ओर जहाँ सुपर नोवा विस्फोट में सम्बन्धित तारा मरने लगता है , वहीं दूसरी ओर नोवा विस्फोट में ऐसा नहीं होता है ।

नोवा विस्फोट के बाद तारा पुरानी स्थिति में वापस लौट आता है । वैज्ञानिकों को M31N - 2008 नामक एक ऐसे नोवा विस्फोट का पता चला है जो कई बार होता है ।

इसका सबसे नया विस्फोट नवम्बर , 2018 में देखा गया ।

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