हाल ही में भारत व अमेरिका की सेना के संयुक्त युद्धाभ्यास वज्र प्रहार - 2018 का 19 नवम्बर , 2018 को आरंभ हुआ ।
यह युद्धाभ्यास 2 दिसम्बर , 2018 तक चलेगा ।
यह एशिया की सबसे बड़ी व सेना की दक्षिण - पश्चिमी कमान द्वारा विश्व स्तरीय ट्रेनिंग नोड के रूप में स्थापित की गई महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत व अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है ।
एशिया की सबसे बड़ी व सेना की दक्षिण - पश्चिमी कमान द्वारा विश्व स्तरीय ट्रेनिंग नोड के रूप में स्थापित की गई। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक बार फिर भारत व अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है ।
क्या है ? →
इस युद्ध अभ्यास में अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व अमेरिकी प्रशांत कमांड के स्पेशल फोर्सेज ग्रुप द्वारा किया जा रहा है ।
इस अभ्यास में 12 दिन तक अर्धमरुस्थलीय तथा ग्रामीण परिवेश में प्रशिक्षण दिया जायेगा ।
इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटर - ओपेराबिलिटी और सैन्य सहयोग में वृद्धि होगी ।
इस अभ्यास द्वारा दोनों देशों की सेनाएं बंधकों को छुड़ाने , मरुस्थलीय परिस्थिति में स्वयं को ढालने तथा कॉम्बैट फायरिंग का अभ्यास करेंगी ।
मुख्य बिंदु
प्रशिक्षण की समाप्ति के बाद तीन दिवसीय आउटडोर अभ्यास का आयोजन किया जायेगा ।
' वज्र प्रहार ' भारत - अमेरिकी विशेष बल का एक संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है , जो दोनों देशों में बारी - बारी से आयोजित किया जाता है ।
इसमें भारतीय सेना के दक्षिणी कमान पुणे की विशेष बल टीम के 45 सदस्यों ने अमेरिकी सैनिकों के साथ अभ्यास किया ।
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन वर्ष 2010 से किया जा रहा है ।
इस अभ्यास का पिछला संस्करण मार्च , 2017 में जोधपुर ( राजस्थान ) में आयोजित हुआ था ।