मौर्य साम्राज्य का महानतम शासक अशोक था ।सिंगली मनुस्मृति के अनुसार अशोक ने अपने 99 भाइयों की हत्या की थी ।अभिलेखों में अशोक को देवानाम प्रिय या प्रियदर्शी नाम से संबोधित किया गया है । पुराणों में अशोक का अशोक वर्धन के नाम से जाना जाता है ।अशोक ने कश्मीर में श्रीनगर बसाया तथा अशोक ने नेपाल में ललित पत्तन नगर बसाया । अशोक चक्र धर्म चक्र का वर्णन करता है जिसमें 24 तीलियां हैं इसे अशोक चक्र इसलिए कहते हैं क्योंकि लायन कैपिटल सारनाथ सहित सम्राट अशोक द्वारा जारी अशोक के सामानों पर चक्र उत्कृष्ट किए गए हैं। कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने भेरी घोष त्याग कर धम्म घोष अपनाया। अशोक को उप गुप्त ने बौद्ध धर्म में दीक्षित किया था। बराबर पहाड़ी पर आजीविको के लिए अशोक ने कर्ण, चोपार, सुदामा ,एवम विश्व झोपड़ी गुफाओं का निर्माण कराया । अशोक ने लुंबिनी को धार्मिक कर से मुक्त कर दिया ।अशोक की माता का नाम शुभद्रांगी था । वह चंपा के एक ब्राह्मण की पुत्री थी । अशोक की एक अन्य पत्नी नाग देवी से उत्पन्न पुत्र पुत्री महेंद्र और संघमित्रा थे जो विदिशा की श्रेष्ठि की पुत्री थी अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा । मौर्यकालीन साम्राज्य चार प्रांतों में बँटा था।