सभी अपने स्वास्थ्य और आत्मा उन्नति की खोज कर रहे हैं lऔर उसके लिए पर्याप्त समय एवं साधन रखने वाले मध्य वर्ग के बीच तंदुरुस्ती आज एक लोकप्रिय धारणा हैl इस क्षेत्र में बढ़ती दिलचस्पी में भी कई आयाम है उम्र, चुस्ती, त्वचा ,झुर्री ,रहित शरीर एवं स्मृति l
कोलेस्ट्रोल रक्तचाप ग्लूकोज जैसे शारीरिक संकेत कि नियमित रूप से जाच जैसी अच्छी आदतें अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने की सहायक होती हैंl कुछ खाद्य पदार्थों का त्याग एवं कुछ विटामिन या वैकल्पिक दवाइयों का सेवन भी उपयोगी साबित हो सकते हैंl प्राकृतिक स्वास्थ्य संपूर्ण में पोस्टिक सम्पूरको का अति महत्वपूर्ण स्थान है lइनके कई अच्छे प्रभाव होते हैं lपौष्टिक संपूरक ना तो दवाइयां होते हैं ना ही दवाइयों की तरह कार्य करते हैंl
यह तो केवल कोशिकाओं को पोषित कर के प्रयोग करके बेहतर अधिक स्वस्थ शरीर बनाने वाला भोजन होते हैंl इस प्रक्रिया में नई स्वास्थ्य कोशिकाओं द्वारा पुरानी क्षतिग्रस्त कोशिकाओं का प्रतिस्थापन होता है lजिसमें कुछ हफ्तों का समय लग सकता है lअच्छे स्वास्थ्य की शुरुआत नाभिकीय एवं कोशिकीय स्तर पर होती हैl
मानव शरीर तथा उसके किसी भाग की क्रियाशीलता को हानि पहुंचाने की स्थिति को ही रोग या बीमारी कहा जाता हैl पेड़-पौधों और मनुष्य जैसे सभी जीवित वस्तुएं रोग से ग्रसित हो सकती हैं lआज सैकड़ों विभिन्न बीमारियां पाई जाती हैं हर बीमारी के अपने लक्षण एवं सूत्र होते हैं जो बीमारी के निदान में चिकित्सक के सहायक होते हैंl बुखार, रक्तस्राव एवं दर्द जैसी रोगी के द्वारा महसूस की जाने वाली चीजें ही रोग का लक्षण होती हैंl