भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत -संखला चाप के आकार में तथा पश्चिम में सिंधु नदी के मुंह से पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के मोड़ तक 2500 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है । इसकी औसत चौड़ाई 150 से 400 किलोमीटर के बीच है। हिमालय भारत और तिब्बत (चीन) के मध्य एक अवरोध के रूप में स्थित है। मुख्य हिमालय में विश्व की सर्वोच्च पर्वत क्यों किया चोटिया पाई जाती है । जिनकी औसत ऊंचाई 6000 मीटर से भी अधिक है एशिया महाद्वीप में 97 ऐसी ज्ञात चुटिया है जिनकी ऊंचाई 7500 मीटर से अधिक है इनमें से पंचानवे चुटिया भारत के इसी पर्वत -श्रेणी प्रदेश में स्थित है। हिमालय की पर्वत श्रेणियां सदैव बर्फ से ढकी रहती है। इसीलिए इस पर्वतमाला का नाम हिमालय रखा गया है हिमालय का क्षेत्रफल लगभग 5 लाख वर्ग किलोमीटर है।
भौगोलिक दृष्टि से हिमालय पर्वती प्रदेश को निम्नलिखित उप विभागों में बांटा जा सकता है।
1. महान या वृहद हिमालय-- हिमालय की यह पर्वत श्रेणी सबसे ऊंची है। जिसे हिमाद्री या वृहत्तर हिमालय भी कहते हैं। इस पर्वत श्रेणी की औसत ऊंचाई 6000 मीटर से अधिक होने के कारण यह वर्षभर बर्फ से आच्छादित रहती है । इस पर्वत श्रेणी की लंबाई सिंधु नदी के मोड़ से अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नदी के मुक्तक 2500 किलोमीटर तथा औषध चौड़ाई 25 किलोमीटर है इस क्षेत्र में गंगोत्री जेम तथा मिलान जैसे विशाल हिमनद पाए जाते हैं जिनकी लंबाई 20 किलोमीटर से अधिक है।
2. लघु या मध्य हिमालय----- यह पर्वत श्रेणी महान हिमालय के दक्षिण में उसके सामान तक फैली हुई है जो 80 से 100 किलोमीटर तक चौड़ी है। इस श्रेणी की औसत ऊंचाई दो हजार से 3500 मीटर तक है। तथा अधिकतम ऊंचाई 4500 मीटर तक पाई जाती है इस भाग में नदियां V आकार की घाटी है, तथा गहरी कंदरा बना कर रहती है