सौर मंडल के महत्वपूर्ण तथ्य (part 3)

7. शनि ग्रह :-
सौर मंडल में दूसरा सबसे बड़ा ग्रह एवं एक विशालकाय गैसीय पिंड|
इसके चारों ओर चमकदार एवं संकेन्द्रीय वलय होते हैं जो छोटी चट्टानों एवं बर्फ के टुकड़ों के बने होते हैं।
ग्रह जल पर तैर सकता है क्योंकि इसका घनत्व जल से कम होता है।
इसके निम्नतम 62 चंद्रमा हैं तथा उनमें सबसे बड़ा टाइटन (Titan) है।

8. अरुण ग्रह (यूरेनस) :-
इसका सौर मंडल में तीसरी सबसे बड़ी ग्रह त्रिज्या एवं चौथा सबसे बड़ा ग्रह द्रव्यमान है।
यह हरे रंग का होता है।
इसकी खोज विलियम हेर्स्चेल ने 1781 में की थी।
इसे “विशाल हिमखंड (Ice Giant)” के नाम से भी जाना जाता है। अरूण ग्रह (यूरेनस) का वातावरण प्राथमिक रूप से हाइड्रोजन एवं हीलियम से मिलकर बना है, किन्तु इसमें अधिक जल, अमोनिया इत्यादि भी हैं।
सौर मंडल में इस ग्रह का वातावरण सबसे ठंडा/शीतल है।
यह शुक्र (वीनस) के समान किन्तु अन्य ग्रहों के विपरीत, अपने अक्ष पर दक्षिणावर्त घूर्णन करता है।
इसके निम्नतम 25 चंद्रमा हैं। लोकप्रिय चंद्रमा – मिरांडा, एरियल एवं अमब्रिल इत्यादि हैं।


9. वरूण ग्रह (Neptune) :-
यह ग्रह सूर्य से अधिकतम दूरी पर स्थित है।
इसे भी “विशाल हिमखंड (Ice Giant)” कहते हैं। इसका वातावरण में प्राथमिक रूप से हाइड्रोजन एवं हीलियम का संयोजन है।
मीथेन के कारण इसका रंग हल्का नीला होता है।
यह सौर मंडल में चौथा सबसे बड़ा ग्रह एवं तीसरा सबसे अधिक द्रव्यमान वाला ग्रह है।
इसकी खोज जॉन गेल एवं उर्बेन ले वेरर द्वारा 1846 में की गई थी। यह ऐसा एकमात्र ग्रह है जिसकी खोज गणितीय पूर्वानुमान के द्वारा की गई है।
इसमें 14 उपग्रह हैं। प्रसिद्ध चंद्रमा – ट्राईटन (Triton) है।
10. प्लूटो :-
अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आई.ए.यू) द्वारा निर्धारित की गई ग्रहों की नईं परिभाषा के अनुसार, प्लूटो को 2006 में ग्रहों की सूची से हटा दिया गया है।
प्लूटो को अब एक बौना ग्रह माना जाता है (जिसका आकार ग्रहों एवं क्षुद्रग्रहों के बीच है) एवं यह कुईपर पट्टी का एक सदस्य है।
कुइपर पट्टी वरुण ग्रह के कक्ष के बाहर एक अण्‍डाकार सीमा है जिसमें क्षुद्रग्रह, चट्टानें एवं धुमकेतू निहित हैं।
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