तरंग गति (Wave Motion)

तरंग गति  (Wave Motion) 

      तरंग एक विक्षोभ (disturance) है जिसमें माध्य के कण अपने माध्य स्थिति (Mean Position) से स्थायी रूप से विस्थापित हुए बिना ऊर्जा का संचरण करते है।

      यदि तरंग संचरण के लिए माध्यम आवश्यक हो तो ऐसी तरंग को यांत्रिक या प्रत्यास्थ तरंग कहते हैं, जबकि माध्यम की अनुपस्थिति में भी संचारित होने वाली तरंगों को अयांत्रिक या अप्रत्यास्थ कहते हैं। ध्वनि यांत्रिक तरंग का उदाहरण है, जबकि प्रकाश अयांत्रिक तरंग का।

      माध्यम की कणों के कम्पन की दिशा के आधार पर यांत्रिक तरंगे दो प्रकार की होती हैं-अनुप्रस्थ तरंग एवं अनुदैध्र्य तरंग।

      अनुप्रस्थ तरंग

      माध्यम के कणों का कम्पन तरंग संचरण की दिशा के लम्बवत् होता है। ये शीर्ष और गर्त के रूप में संचरित होती है।

      इस प्रकार की तरंगें ठोस एवं द्रव के ऊपरी सतह पर पैदा होती हैं।

      विद्युत-चुम्बकीय तरंगों (Electromagnetic Waves) में गामा किरणें, एक्स किरणें, पराबैंगनी किरणें, दृश्य प्रकाश, अवरक्त किरणें तथा रेडियों तरंगें शामिल हैं। किसी बंधी हुई रस्सी के एक छोर को पकड़कर हिलाने पर उत्पन्न तरंगें, सितार के तार को छेड़ने पर उत्पन्न तरंगें, इत्यादि अनुप्रस्थ तरंगों के उदाहरण हैं।

      अनुदैध्र्य तरंगें (Longitudinal Waves) 

      माध्यम के कणों का कम्पन तरंग संचरण की दिशा के समानान्तर होता है। ये संपीड़न व विरलन के रूप में संचरित होती है।

      इस प्रकार की तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों ही माध्यम में पैदा हो सकती हैं।

      गैस में उत्पन्न तरंगें केवल अनुदैध्र्य तरंगें होती हैं।

      समुद्र में उत्पन्न होने वाली तरंग अनुप्रस्थ एवं अनुदैध्र्य दोनों होती हैं।

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