accounting(लेखांकन)

बहीखाता के विवेचन से यह स्पष्ट हो जाता है कि व्यापारिक सौदों को निश्चित पुस्तकों में विधिवत् लिखना ही बहीखाता या पुस्तपालन है, किन्तु केवल व्यवहारों को निश्चित पुस्तकों में लिखने से व्यापार के परिणाम तथा उसकी वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। एक निश्चित अवधि के परिणामों को जानने के लिए विभिन्न लेखों के संग्रहण, विश्लेषण तथा लेखों के सारांश तैयार करने सम्बन्ध् ाी कार्य की आवश्यकता होती हैं। अत: व्यापारिक परिणामों को जानने के लिए लेखों का संग्रहण करने, वर्गीकृत करने तथा सारांश तैयार करने के कार्य को ही, लेखांकन कहा जाता हैं।

अमेरिकन इन्स्टीट्यूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक एकाउण्टेण्ट्स की शब्दावली समिति ने लेखाकंन को निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया हैं - “लेखाकंन उन व्यवहारों को और घटनाओं को जो अंशत: वित्तीय प्रकृति की होती हैं, मुद्रा के रूप में अभिप्रायपूर्ण तरीके से लेखा करने, वर्गीकृत करन,े सारांश निकालने तथा उनके परिणामों की व्याख्या करने की कला हैं।”

स्मिथ एवं एशबर्न के अनुसार - “लेखांकन मुख्यतया वित्तीय प्रकृति के व्यापारिक व्यवहारों और घटनाओं का अभिलेखन तथा वर्गीकरण करने का विज्ञान हैं और इन व्यवहारों और घटनाओं का अभिप्रायपूर्ण वित्तीय प्रकृति का सारांश निकालने, विश्लेषण करने तथा परिणामों को उन व्यक्तियों को जिन्हें निश्चित करना है या निर्णय लेना है, सम्प्रेषित करने की कला हैं।” 

सरल शब्दों में - “लेखाकंन से तात्पर्य व्यापारिक व्यवहारों को वैज्ञानिक रीति से पुस्तकों में लिखने तथा किये गये लेखों को वर्गीकृत कर सारांश तैयार करने व परिणामों की व्याख्या करने की कला से हैं।” 

लेखाकंन का कार्य आर्थिक इकाइयों के सम्बन्ध में मात्रात्मक सूचना प्रदान करना है जो मूल रूप से वित्तीय प्रकृि त की होती है जो आथिर्क निणर्य लेने में उपयोगी होती है लेखांकन किसी संगठन की आर्थिक घटनाओं के सम्बन्ध में आवश्यक सूचना को पहचानने, मापने, लेखा-जोखा करने एवं सम्पे्रषित करने की एक ऐसी प्रक्रिया हैं जो इस सूचना के उपयोगकर्ताओं को प्रेशित की जाती है । 

लेखांकन की प्रकृति को समझने के लिए लेखांकन की परिभाषा में दिए निम्न प्रासंगिक पहलुओं को समझना आवष्यक है :

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