विज्ञान की नई दुनिया

दुनिया भर के वैज्ञानिक मानव जीवन को सुविधाजनक एवं स्वस्थ बनाने के लिए दिन-प्रतिदिन नए-नए आविष्कार और खोज करते रहते हैं चलते हैं विज्ञान की नई दुनिया में l

गर्भ में ही इसका इलाज::

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में maternal-fetal मेडिसिन विभाग बनाया गया है lयहां गर्भ में पल रहे बच्चे का भी इलाज हो सकता है कि रूम में अब शिशु के हृदय रोग  थैलीसीमिया, डाउन सिंड्रोम और हीमोफीलिया तक का इलाज संभव है lएम्स की प्रोफेसर दीपिका डेका के अनुसार बच्चे को विकलांग होने से बचाने के लिए कई बार इलाज आवश्यक होता है लेकिन जानकारी के अभाव में ऐसा नहीं हो रहा हैl

देश में दो से तीन प्रतिशत शिशु जन्म से पहले विभिन्न त्रुटियों से ग्रस्त होते हैं lइसलिए बच्चा मानसिक रूप से कमजोर रहता है जिसका हृदय खराब भी हो सकता है ऐसे में उन्हें जीवन भर परेशानी रहने की आशंका प्रबल हो जाती है lलेकिन समय पर इलाज हो जाए तो यह परेशानी दूर की जा सकती है एम्स के डॉ नूतन अग्रवाल का मानना है कि बच्चे का स्वस्थ होना भी गर्भावस्था जितना ही जरूरी हैl

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