मिश्रित अर्थव्यवस्था : यदि किसी अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी लगभग समान हो तो ऐसी अर्थव्यवस्था कल्याण के साथ लाभ के आधार पर कार्य करती है और इसे मिश्रित अर्थव्यवस्था कहा जाता है।
० भारतीय अर्थव्यवस्था में समाजवादी अर्थव्यवस्था के लक्षण देखे जा सकते हैं :
1-नियोजन अभी जारी है परंतु अब नीति आयोग के जरिए सब्सिडी दिए जा रहे हैं ।
2-किसी न किसी रूप में कल्याण अभी भी जा रही है।
० भारतीय अर्थव्यवस्था में पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के लक्षण देखे जा सकते हैं:
1- बाजार अर्थव्यवस्था खासकर 1991 के बाद।
2-निजी भागीदारी का बढ़ना ।
3-सार्वजनिक क्षेत्रों को हतोत्साहित किया जाना।
4- विनिवेश प्रक्रिया का जारी होना ।
5-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाना।
० अतः भारतीय अर्थव्यवस्था एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है।
० भारत में स्वतंत्रता के बाद लगभग 1991 तक इसका स्वरूप समाजवाद प्रधान मिश्रित अर्थव्यवस्था का रहा जबकि 1991 के बाद या बाजार प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है।
० अविकसित देशों के आर्थिक विकास के लिए प्रोफेसर रोजस्टिन रोडो ने "प्रबल प्रयास या बड़े धक्के का सिद्धांत" दिया।
० यह इस मान्यता पर आधारित है कि इन देशों को गरीबी के भंवर से निकालने के लिए अर्थव्यवस्था में एक साथ बहुत अधिक मात्रा में विनियोग किया जाए।